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विज्ञापन नियामक के खिलाफ पतंजलि आयुर्वेद ने दी मामला दर्ज करने की धमकी

मई में एएससीआई ने पतंजलि के खिलाफ 10 शिकायतें जायज पाई। ये जीरा बिस्किट, कच्ची घानी सरसों तेल, केश कांति और दंत कांति जैसे उत्पादों के खिलाफ थीं।

Author नई दिल्ली | August 13, 2016 8:59 PM
पतंजलि के उत्पाद (फोटो स्रोत- पतंजलि.कॉम)

पतंजलि आयुर्वेद ने भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) के खिलाफ मुकदमा दायर करने की धमकी दी। एएससीआई ने योग गुरु रामदेव की इस कंपनी के खिलाफ इस वर्ष विज्ञापन नियमों के उल्लंघन के मामले में अब तक कुल 27 नोटिस जारी किए हैं। पतंजलि आयुर्वेद रोजमर्रा के उपयोग के सामान का कारोबार करती है। रामदेव ने आज (शनिवार, 13 अगस्त) एक प्रेसवार्ता में कहा, ‘हम एएससीआई के खिलाफ मामला दायर करेंगे। यह मामला अदालत में बहुत जल्दी दायर किया जाएगा। हम इसकी संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं और इस पर कार्रवाई जल्दी ही करेंगे।’

रामदेव ने संवाददाताओं से बातचीत में अधिकारियों और एएससीआई के रवैये पर सवाल खड़े किए और कहा कि एएससीआई को बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने खड़ा किया है और वे पतंजलि के विज्ञापनों के बारे में गलत संदेश फैला रहे हैं। वे हमें ‘प्रेम पत्र’ भेजते जा रहे हैं और यह मुद्दा संसद में भी उठ चुका है। मई में एएससीआई ने पतंजलि के खिलाफ 10 शिकायतें जायज पाई। ये जीरा बिस्किट, कच्ची घानी सरसों तेल, केश कांति और दंत कांति जैसे उत्पादों के खिलाफ थीं। योगगुरु ने नियामक के नोटिसों को ‘प्रेम पत्र’ की संज्ञा दी। लेकिन जब उनसे उनके टूथपेस्टों की श्रृंखला के प्रमाणन के बारे में पूछा गया तो वे सम्मेलन स्थल से चले गए। उनकी कंपनी यह पेस्ट ‘दंत कांति’ ब्रांड नाम से बेचती है।

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