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बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद का टीवी मीडिया में भी है बड़ा दखल, आस्था समेत इन चैनलों पर है मालिकाना हक

बाबा रामदेव की लोकप्रियता में भी आध्यात्मिक चैनलों का अहम योगदान रहा है। 2001 में संस्कार टीवी पर बाबा रामदेव का कार्यक्रम आना शुरू हुआ था। सुबह-सुबह बाबा रामदेव का कार्यक्रम आता था, जिसमें वह योग करके दिखाते थे और उसके फायदे बताते थे।

Author Edited By यतेंद्र पूनिया नई दिल्ली | Updated: September 17, 2020 12:39 PM
baba ramdevपतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक बाबा रामदेव

बाबा रामदेव बीते करीब ढाई दशकों में योग गुरु से लेकर आंत्रप्रेन्योर तक का लंबा सफर तय कर चुके हैं। पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक बाबा रामदेव का टीवी मीडिया में भी बड़ा दखल है। आस्था और संस्कार जैसे कई बड़े आध्यात्मिक चैनलों में उनका दखल है। पिछले दो दशकों में भारत में आध्यात्मिक टीवी चैनल इंडस्ट्री में बड़ा उछाल आया है और इसके पीछे बाबा रामदेव भी एक अहम कारण हैं।
बाबा रामदेव जिन दो आध्यात्मिक चैनलों संस्कार टीवी और आस्था चैनल की वजह से देशभर में लोकप्रिय हुए आज उन चैनलों का मालिकाना हक उनके पतंजलि ग्रुप के पास है। बाबा रामदेव ने खुद को लोकप्रिय करने वाले दो शुरुआती चैनल संस्कार और आस्था टीवी को खरीद लिया था।

‘द वायर’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक इनके अलावा बाबा रामदेव के 10 अन्य आध्यात्मिक चैनलों में भी शेयर हैं। रिपोर्ट के अनुसार बाबा रामदेव का पतंजलि ग्रुप वैदिक ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड, आस्था ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क लिमिटेड, संस्कार इन्फो प्राइवेट लिमिटेड नामक तीन एंटिटी के माध्यम से अपने मीडिया बिजनेस को संचालित करता है। हालांकि पतंजलि आयुर्वेद की तरह ही बाबा रामदेव का इन तीनों कंपनियों में भी कोई शेयर नहीं है। इन तीनों एंटिटी के अधिकांश शेयर आचार्य बालकृष्ण के नाम पर हैं। इसके अलावा संस्कार इन्फो टीवी ने एक और अन्य आध्यात्मिक चैनल शुभ टीवी का अधिग्रहण कर लिया है। शुभ टीवी Pittie Group का चैनल है जिसने कुछ वर्ष पहले बाबा रामदेव को संस्कार टीवी चैनल बेचा था।

बाबा रामदेव की लोकप्रियता में भी आध्यात्मिक चैनलों का अहम योगदान रहा है। 2001 में संस्कार टीवी पर बाबा रामदेव का कार्यक्रम आना शुरू हुआ था। सुबह-सुबह बाबा रामदेव का कार्यक्रम आता था, जिसमें वह योग करके दिखाते थे और उसके फायदे बताते थे। आस्था चैनल के फाउंडिंग एडिटर माधव कांत मिश्रा कहते हैं मुझे पहली नजर में लग गया था कि बाबा रामदेव कुछ बड़ा कर सकते हैं। इसके पीछे दो अहम कारण थे एक तो वह सन्यासी थे‌ और दूसरा वो नौलीक्रिया कर सकते थे यानी अपने पेट को घुमा सकते थे। जब मैंने बाबा रामदेव को यह करते देखा तो मुझे लगा इनका प्रोग्राम टीवी पर बड़ा हिट साबित हो सकता है परंतु हमारा टॉप मैनेजमेंट इसके लिए तैयार नहीं हुआ और बाबा रामदेव संस्कार टीवी के साथ जुड़ गए।

संस्कार टीवी ने बाबा रामदेव का योग कार्यक्रम शुरू करके एक दांव खेला था। बाबा रामदेव के कार्यक्रम के कारण चैनल की टीआरपी तेजी से आसमान छूने लगी। संस्कार टीवी की बढ़ती टीआरपी को देखकर आस्था चैनल को अपनी गलती का एहसास हो गया। एक ही वर्ष में आस्था चैनल ने फिर से बाबा रामदेव से संपर्क किया और उसी स्लॉट पर उनका कार्यक्रम आस्था चैनल पर भी आने लगा।

करीब 25 साल पहले बाबा रामदेव ने योग और आयुर्वेद को लोकप्रिय करने के लिए एक मिशन की शुरुआत की थी। 1995 में आचार्य बालकृष्ण और कर्मवीर के साथ उन्होंने हरिद्वार में दिव्य योग ट्रस्ट की स्थापना की थी। एक सच्चाई तो यह भी है अगर बाबा रामदेव का कार्यक्रम संस्कार टीवी पर ना आया होता तो हो सकता है वह हरिद्वार तक ही सीमित रह जाते।

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