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समलैंगिक विवाह से आ सकती है आपदा, कोर्ट परिसर में पादरी करने लगा नारेबाजी

उच्चतम न्यायालय के समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के फैसले के खिलाफ सोमवार को एक पादरी ने अदालत परिसर में नारेबाजी की।

Author September 10, 2018 8:04 PM
IPC Section 377:सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले में आईपीसी की धारा 377 के तहत समलैंगिक संबंधों को लेकर आई पादरी की प्रतिक्रिया (इंडियन एक्‍सप्रेस)

उच्चतम न्यायालय के समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के फैसले के खिलाफ सोमवार को एक पादरी ने अदालत परिसर में नारेबाजी की। समलैंगिकता पर ऐतिहासिक फैसले के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने दावा किया कि समलैंगिक विवाह से प्राकृतिक आपदा आ सकती है। पुलियाकुलम गिरिजाघर के फादर फेलिक्स जेबांिसह जिला अदालत परिसर पहुंचे और गलियारे में खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी और लोगों से समलैंगिक विवाह का समर्थन ना करने की अपील की। पुलिस के उन्हें घेरने के बाद भी फादर ने चीखते हुए कहा, ‘‘धारा 377 (भादंवि की) पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का समर्थन ना करें। ईसा मसीह आ रहे हैं। उनका आगमन निकट है। इस तरह की शादी से सामज पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘परम पिता ने सोडोम और गोमोरा के शहर आग तथा सल्फर से बर्बाद कर दिए थे क्योंकि वह समलैंगिकता का समर्थन करते थे… समलैंगिकता का समर्थन ना करें।

पुलिस ने बाताया कि पादरी को निकट स्थित पुलिस थाने ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने छह सितंबर को 158 वर्ष पुराने कानून को निरस्त करते हुए समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था। फैसले का लेस्बियन, गे, बॉयसेक्युल, ट्रांसजेंडर और क्वियर (एलजीबीटीक्यू) समुदाय के सदस्यों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने स्वागत किया था।

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