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यात्री वाहनों की मार्च में बिक्री 9.96 प्रतिशत, कार बिक्री 8.17 प्रतिशत बढ़ी

घरेलू बाजार में मार्च में यात्री वाहनोें की बिक्री में 9.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और इनकी संख्या 2,82,519 वाहन रही। मार्च 2016 में यह आंकड़ा 2,56,920 वाहन था।

Author नई दिल्ली | April 11, 2017 3:31 PM
घरेलू बाजार में मार्च में यात्री वाहनोें की बिक्री में 9.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और इनकी संख्या 2,82,519 वाहन रही।

घरेलू बाजार में मार्च में यात्री वाहनोें की बिक्री में 9.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और इनकी संख्या 2,82,519 वाहन रही। मार्च 2016 में यह आंकड़ा 2,56,920 वाहन था। भारतीय वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी आॅफ इंडियन आॅटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 8.17 प्रतिशत बढ़कर 1,90,065 वाहन रही जो मार्च 2016 में 1,75,709 वाहन थी। इस दौरान मोटरसाइकिल की बिक्री 9,15,199 वाहन रही जो पिछले साल मार्च की 9,46,754 मोटरसाइकिलों की बिक्री से 3.33 प्रतिशत कम है।

समीक्षाधीन अवधि में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 14,71,576 इकाई रही जो पिछले साल इसी माह में 14,67,710 इकाई थी। सियाम ने बताया कि वाणित्यिक वाहनों की बिक्री में मार्च 2017 में 9.26 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और यह 87,257 इकाई रही। इसके अलावा मार्च में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2016-17 में घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की कुल बिक्री 9.23 प्रतिशत बढ़कर 30,46,727 इकाई रही जो वित्त वर्ष 2015-16 में 27,89,208 वाहन थी। इस दौरान कारों की घरेलू बिक्री 3.85 प्रतिशत बढ़कर 21,02,996 कार हो गई जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 20,25,097 का थी।

बता दें कि बीते माह सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार यानी 29 मार्च को भारत स्टेज (BS) III इंजिन वाली गाड़ियों की सेल पर रोक लगा दी है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब आगामी 1 अप्रैल 2017 से BS III गाडियों की बिक्री बंद होगी। कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा है कि जिन गाड़ियों को भारत स्टेज (BS) IV के मानकों के हिसाब नहीं तैयार किया गया है उनकी सेल पर 1 अप्रैल से रोक लगा दी जाएगी। वहीं माना जा रहा है कि यह फैसला ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को बड़ा झटका दे सकता है क्योंकि वित्त वर्ष 2016-17 के अंत में लगभग कई ऑटोमोबाइल कंपनियों के पास काफी सारा स्टॉक है और बैन लगने से कंपनियों को करोड़ो रुपये का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा कोर्ट ने उस दलील को भी ठुकरा दिया जिसमें सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों ने वित्त वर्ष 2016-17 के अंत में बचे हुए स्टॉक को बेचने की इजाजत मांगी थी।

कोर्ट ने इस दलील पर कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियों को पहले से ही 1 अप्रैल की समयसीमा की जानकारी थी और लोगों का स्वास्थ्य, पुराने पड़े स्टॉक से ज्यादा जरूरी है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स (SIAM) के मुताबिक देशभर में लगभग BS III मानकों के हिसाब से तैयार की गईं गाड़ियों के 9 लाख यूनिट कंपनियों के डीलरशिप इंवेंट्री में दर्ज है। इस स्टॉक की कीमत लगभग 12,000 करोड़ रुपये है। बैन लगने से इन्हें बेचा नहीं जा सकेगा। भारत में लगभग 20 हजार ऑटोमोबाइल डीलर्स हैं जिनके पास यह पुराना स्टॉक मौजूद है। अकेले हिरो मोटो कॉर्प ने कुछ समय पहले दावा किया था कि BS III पर बैन लगने से उसे 1600 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है।

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