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Panama Papers: आयकर विभाग ने दर्जन भर देशों से किया संपर्क

पनामा-दस्तावेज में कुल 1.1 करोड़ दस्तावेज सामने आए हैं जो पूरी दुनिया की 2,10,000 कंपनियों जुड़े हैं और ये कंपनियां 21 विदेशी स्थानों में पंजीकृत है।

Author नई दिल्ली | Published on: July 10, 2016 8:04 PM
पनामा की लॉ फर्म Mossack Fonseca के लीक हुए पेपर्स में दुनियाभर के कई हस्तियों के नाम हैं। पनामा पेपर्स के नाम के इस लीक के जरिए खुलासा हुआ है कि कई दिग्‍गजों ने टैक्‍स हेवन देशों में सीक्रेट फर्म खोली। इसके लिए उन्‍होंने Mossack Fonseca को हायर किया। इस लीक में 11 मिलियन पेपर उजागर हुए हैं।

आयकर विभाग ने पनामा-दस्तावेज से जुड़े मामलों में लगभग एक दर्जन देशों से संपर्क किया है ताकि उन भारतीय व्यक्तियों (इकाइयों) के खिलाफ कार्रवाई योग्य साक्ष्य हासिल किए जा चुके जिनका नाम इस मामले में आए हैं पर वे व्यक्ति जानकारी देने से बच रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के विशेष प्रकोष्ठ ने इस मामले में विदेशों में अपने समकक्ष निकायों को अनेक आग्रह भेजे हैं। अधिकारियों के अनुसार इस सूची सूची के अनेक मामलों में कर अधिकारियों को संबंधित व्यक्तियों द्वारा कथित विदेशी खातों से किसी प्रकार के संबंध से अस्वीकार करने तथा जांच में असहयोग जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा है। इसको देखते हुए विभाग ने स्विटजरलैंड, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड व ब्रिटेन सहित अन्य देशों के अधिकारियों से संपर्क किया है।

इसके अनुसार पनामा पैपर्स खुलासों के हिसाब से विदेशों में काल धान रखने वालों के खिलाफ कानूनी सामग्री व कार्रवाई योग्य साक्ष्य हासिल करने के लिए ‘आयकर विभाग ने दर्जन भर विदेशी न्यायिक क्षेत्रों से संपर्क किया है।’ एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार,‘ विभाग ने सूचित किया है कि अनेक मामलों में सूची में शामिल नाम वाले लाभान्वित स्वामी होने से इनकार कर रहे हैं भले ही कर अधिकारियों के पास ऐसे कुछ साक्ष्य हैं के वे (शामिल नाम) इस तरह की आस्तियां बनाने में शामिल रहे हैं।’ भारत की इस समय 137 देशों के साथ कर संधियां हैं।

उल्लेखनी है कि एसआईटी के चेयरमैन न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) एम बी शाह ने हाल ही में कहा था कि जांच एजेंसियों को इस मामले की तह में जाने में दिक्कत आ रही है क्योंकि एक तो उन्हें विशिष्ट खाता संख्या नहीं मिल रही है, दूसरा सूची में उल्लिखित नामों वाले भी कर अधिकारियों को ब्यौरे नहीं दे रहे हैं। पनामा-दस्तावेज में कुल 1.1 करोड़ दस्तावेज सामने आए हैं जो पूरी दुनिया की 2,10,000 कंपनियों जुड़े हैं और ये कंपनियां 21 विदेशी स्थानों में पंजीकृत है। प्रारंभिक जांच में इसमें भारत के करीब 500 नाम सामने आए हैं।

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