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कोरोना के संकट काल में 1 लाख भिखारियों के भी खाने का इंतजाम कर रही सरकार, दिल्ली, मुंबई समेत 10 शहरों में चलेगी स्कीम

केंद्र की ओर से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नै, हैदराबाद, बेंगलुरु, इंदौर, पटना, नागपुर और लखनऊ के स्थानीय निकायों को पत्र लिखकर कहा है कि 15 अप्रैल तक एक लाख भिखारियों के भोजन की व्यवस्था की जाए।

coronavirus impactएक लाख भिखारियों के खाने का इंतजाम कर रही सरकार

राजधानी दिल्ली और मुंबई समेत देश के 10 शहरों में लॉकडाउन के चलते दो वक्त की रोटी तक के लिए मुहाल भिखारियों को केंद्र सरकार ने भोजन मुहैया कराने की योजना तैयार की है। केंद्र सरकार ने शहरों के स्थानीय निकायों को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी है। सरकार ने कहा है कि 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहना चाहिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव आर. सुब्रमण्यम की ओर से किन्नर समुदाय के प्रमुख सदस्यों को भी पत्र लिखे गए हैं। मंत्रालय ने किन्नरों को लिखे पत्र में कहा है कि वह उनके लिए भी खाने का इंतजाम करने वाली है।

केंद्र की ओर से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नै, हैदराबाद, बेंगलुरु, इंदौर, पटना, नागपुर और लखनऊ के स्थानीय निकायों को पत्र लिखकर कहा है कि 15 अप्रैल तक एक लाख भिखारियों के भोजन की व्यवस्था की जाए। सुब्रमण्यम ने कहा, ‘स्थानीय निकायों की ओर से तैयारी पूरी होते ही इस योजना पर तत्काल काम शुरू हो जाएगा। सरकार ऐसी स्थिति में चाहती है कि समाज का कोई भी तबका भूखा न रहे। इसी कड़ी में भिखारियों तक का ख्याल रखा जा रहा है।’

दरअसल मंत्रालय की ओर से इन शहरों को इसलिए चुना है क्योंकि यहां पहले से ही भीख मांगने वाले लोगों के पुनर्स्थापन को लेकर काम किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से यहां भिखारियों की पहचान कर उन्हें इससे बचाया जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण देकर किसी और काम में लगाने के प्रयास हो रहे हैं। इसके अलावा मंत्रालय का यह भी लक्ष्य है कि फूड सेंटर्स पर खाने की व्यवस्था के साथ ही भिखारियों की पहचान हो सकेगी और भविष्य में उन्हें इस बुराई से बचाने के लिए प्रयास किए जा सकेंगे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ऐसे किन्नरों की भी चिंता कर रही है, जिनके पास राशन कार्ड की सुविधा नहीं है। किन्नर समुदाय के लोगों को खाने के लिए पैसों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा मेडिकल फैसिलिटी भी दी जाएगी। 15 अप्रैल तक यह व्यवस्था जारी रहेगी ताकि लॉकडाउन की स्थिति में कोई संकट न रहे। मंत्रालय ने किन्नर समुदाय के प्रमुख सदस्यों से लोगों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी है।

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