पेट्रोल के बजाय इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 10 साल में बचा सकते हैं 10 लाख रुपये, जानिए कैसे

यदि आप पारंपरिक Petrol Car के बजाय E Vehicles खरीदते हैं तो आपको 10 साल में 10 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी के बाद On Road Price के मामले में भी ई-वाहन सस्ते हो जाते हैं।

Petrol Car Vs Electric Car Savings
इलेक्ट्रिक कार खरीदकर आप हर साल 70 हजार तक की बचत कर सकते हैं। (Express Photo: Kamleshwar Singh)

एक आम आदमी के लिए अपनी कार अभी भी खास बात है। मध्यमवर्गीय परिवार (Middle Class Family) कई सारे फैक्टर पर गुना-भाग करने के बाद कोई कार खरीदने का निर्णय लेता है। अभी चारों ओर इलेक्ट्रिक वाहनों (E Vehicles) की चर्चा हो रही है और इसे आवागमन का भविष्य बताया जा रहा है। आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि पारंपरिक पेट्रोल कार (Petrol Car) के बजाय इलेक्ट्रिक कार (E Car) खरीदकर आप 10 साल में करीब 10 लाख रुपये की बचत कर सकते हैं।

On Road Price में भी E Vehicles सस्ता

सबसे पहले इस बात की तुलना करते हैं कि खरीदने की लागत में क्या अंतर है? उदाहरण के लिए टाटा के नेक्सन (Tata Nexon) मॉडल को रखते हैं, जो पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों संस्करणों में उपलब्ध है। यदि टाटा नेक्सन के पेट्रोल संस्करण को देखें तो दिल्ली में इसके डुअल टोन रूफ एएमटी मॉडल की ऑन रोड कीमत (On Road Price) 13.22 लाख रुपये के आस-पास बैठती है। टाटा नेक्सन ईवी (Tata Nexon EV) के बेसिक मॉडल के लिए यह कीमत 14.79 लाख रुपये के आस-पास हो जाती है।

Subsidy On Tata Nexon EV: 4.30 लाख रुपये तक की मिल सकती है छूट

पहली नजर में देखें तो यहां पेट्रोल मॉडल की तुलना में इलेक्ट्रिक कार करीब डेढ़ लाख रुपये महंगा पड़ रहा है। इलेक्ट्रिक कारों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। फेम-2 योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी (FAME 2 Subsidy) की बात करें तो नेक्सन ईवी खरीदने पर आपको केंद्र सरकार की ओर से करीब 2.80 लाख रुपये की छूट मिल सकती है। इसके अलावा राज्य सरकारें भी अपनी ओर से सब्सिडी दे रही हैं। दिल्ली के मामले में राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी 1.50 लाख रुपये है। इस तरह आपको कुल 4.30 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। सब्सिडी को शामिल करें तो नेक्सन ईवी की ऑन रोड कीमत 10.50 लाख रुपये के करीब रह जाती है। इस तरह खरीदते समय ही आपको करीब 2.80 लाख रुपये की बचत हो जाती है।

Petrol Car Vs Electric Car: मेंटनेंस में भी किफायती हैं E-Vehicles

अब ईंधन और मेंटनेंस की लागत को भी देख लेना जरूरी है। इसे भी उदाहरण से समझते हैं। मान लेते हैं कि आप घर से ऑफिस जाने और वीकेंड पर परिवार के साथ घूमने-फिरने के लिए कार खरीद रहे हैं। आपका ऑफिस घर से 15 किलोमीटर दूर है तो आप रोज 30 किलोमीटर ड्राइव करेंगे। इस तरह 20 दिन ऑफिस के चक्कर में आप 600 किलोमीटर गाड़ी चलाएंगे। मान कर चलते हैं कि वीकेंड पर घूमने के चक्कर में आप 200 किलोमीटर गाड़ी चलाएंगे। इस तरह आप महीने में कुल 800 किलोमीटर गाड़ी चला रहे हैं।

E-Vehicles से हर साल होगी 70 हजार तक की बचत

एक इलेक्ट्रिक कार को चलाने की लागत प्रति किलोमीटर 0.80 रुपये के आस-पास आती है। ऐसे में इलेक्ट्रिक कार पर आप हर महीने 640 रुपये खर्च करेंगे। नेक्सन का बेसिक पेट्रोल मॉडल शहर में 16 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है। तो 800 किलोमीटर पर आप महीने में 50 लीटर पेट्रोल भराते हैं। इससे आपका ईंधन खर्च करीब 5000 रुपये हो जाता है। इलेक्ट्रिक कार के मेंटनेंस का खर्च लगभग शून्य रहता है। पेट्रोल कार के लिए इसे हर महीने का 1,500 रुपये मान लेते हैं। इस लिहाज से देखें तो इलेक्ट्रिक कार से आपको हर महीने 5,860 रुपये की बचत हो रही है। सालाना आधार पर यह बचत 70 हजार रुपये से अधिक की हो जाती है।

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इलेक्ट्रिक कार करा सकते हैं 10 साल में 10 लाख की बचत

कुल फायदा जोड़ें तो सबसे पहले खरीदते समय 2.80 लाख रुपये की बचत हो रही है। इसके बाद सालाना 70 हजार रुपये की बचत के हिसाब से 10 साल में सात लाख की बचत हो रही है। इस तरह आप यदि 10 साल गाड़ी चलाते हैं तो इलेक्ट्रिक कार खरीदकर आप करीब 10 लाख रुपये की बचत कर सकते हैं।

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