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पिछले साल ट्रेनों में खानपान संबंधित 4969 शिकायतें दर्ज

लोकसभा को बुधवार को सूचित किया गया कि लंबी दूरी की और प्रीमियम ट्रेनों में पिछले साल खानपान से संबंधित करीब 4969 शिकायतें दर्ज की गईं जिनमें एक लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही चेतावनी देने की और अन्य कार्रवाई की गई हैं।

Author नई दिल्ली | March 17, 2016 1:13 AM
(Photo-PTI)

लोकसभा को बुधवार को सूचित किया गया कि लंबी दूरी की और प्रीमियम ट्रेनों में पिछले साल खानपान से संबंधित करीब 4969 शिकायतें दर्ज की गईं जिनमें एक लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही चेतावनी देने की और अन्य कार्रवाई की गई हैं।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने रामटहल चौधरी के सवाल के जवाब में कहा, ‘2015 में आई शिकायतों के संदर्भ में 1203 मामलों में चेतावनी जारी की गई, 2321 मामलों में जुर्माना लगाया गया और एक मामले में लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।’

उन्होंने कहा कि आइआरसीटीसी द्वारा संचालित दस आधुनिक बेस किचन बनाने, ई-कैटरिंग की सुविधा मौजूदा 45 बड़े स्टेशनों से बढ़ा कर सभी ए और ए-। श्रेणी के स्टेशनों तक पहुंचाने आदि की घोषणा की जा चुकी है। सिन्हा ने कहा कि रेल में खानपान की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है और यात्रियों से फोन पर प्रतिक्रिया मिलने के बाद मिलने वाले आंकड़ों से भी यह स्पष्ट होता है। मंत्रालय इस दिशा में सतत प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि रेलवे में खानपान में सुधार लाने वाले उपायों में ए और ए-। श्रेणी के स्टेशनों पर यात्री द्वारा अपनी पसंद का भोजन आॅर्डर करने के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध कराने वाली ई-कैटरिंग सेवा शुरू करना, रेडी टू ईट भोजन की आपूर्ति करना, यात्रियों की इससे संबंधित शिकायतों का तत्काल निवारण करने और समय पर सहायता पहुंचाने के लिए केंद्रीकृत खानपान सेवा निगरानी कक्ष का संचालन आदि शामिल हैं।

उन्होंने एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि त्योहारों पर चलाई जाने वाली ट्रेनों की तर्ज पर विशेष ट्रेनों को संचालित करना मांग पर आधारित होता है। सिन्हा ने इस तरह की संभावना को खारिज नहीं करते हुए कहा कि व्यस्त समय में कुछ मार्गों पर विशेष ट्रेनें चलाने के सुझाव पर ध्यान दिया जाएगा।

दो सालों में 3.3 लाख से अधिक शहरी गरीबों को कौशल प्रशिक्षण : सरकार ने आज बताया कि पिछले दो सालों में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 3.3 लाख से अधिक शहरी गरीबों को स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने गौरव गोगोई के प्रश्न के जवाब में बताया कि 2014-15 में 1,82,037 और 2015-16 में 31 जनवरी 2016 तक 1,55,360 लोगों को दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएमएल) के तहत कौशल प्रशिक्षण दिया गया।

उन्होंने कहा कि शहरी गरीब परिवारों को स्वरोजगार और कौशल आधारित रोजगार के अवसर देकर उनकी आजीविका में सुधार करने और गरीबी को कम करने की पहल की गई है। नायडू ने बताया कि 2011-12 में शहरी क्षेत्रों में 5.31 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे थे।

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