भारत सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले केंद्रीय स्वायत्त निकायों (Central Autonomous Bodies) के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अब एनपीएस में निवेश के लिए दो अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराए हैं।

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने अपने मेमोरेंडम के जरिए एनपीएस के तहत आने वाले केंद्रीय स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों पर वित्तीय सेवा विभाग की 13 नवंबर 2025 की अधिसूचना को लागू किया है।

सरकार ने पहले एनपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए निवेश के अतिरिक्त विकल्प एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड (LC-75) और बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड (BLC) शुरू किए थे। अब ये निवेश विकल्प CABs में काम करने वाले एनपीएस सब्सक्राइबर्स के लिए भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।

इस विस्तार के साथ योग्य कर्मचारियों के पास अब एनपीएस के तहत निवेश के निम्न अतिरिक्त विकल्प होंगे –

एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड (LC-75)

यह 75 फीसदी तक इक्विटी एक्सपोजर वाला निवेश विकल्प है, जिसे उन सब्सक्राइबर्स के लिए डिजाइन किया गया है जो लंबे समय में ज्यादा ग्रोथ की संभावना चाहते हैं।

बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड (BLC)

बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड (BLC), जिसे अब एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड नाम दिया गया है। यह 50 फीसदी तक इक्विटी एक्सपोजर वाला निवेश विकल्प है, जिसमें 45 साल की उम्र से इक्विटी एलोकेशन में धीरे-धीरे कमी की जाती है, जिससे ग्रोथ और स्थिरता के बीच एक संतुलित दृष्टिकोण मिलता है।

क्या है इन निवेश विकल्पों के विस्तार का उद्देश्य?

वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन निवेश विकल्पों के विस्तार का उद्देश्य सेंट्रल ऑटोनॉमस बॉडीज में एनपीएस सब्सक्राइबर्स को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देना है, ताकि वे अपने पेंशन निवेश को अपनी जोखिम लेने की क्षमता और रिटायरमेंट प्लानिंग की जरूरतों के हिसाब से व्यवस्थित कर सकें।

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों और नियोक्ताओं के लिए सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने अपने डेटाबेस को एकीकृत करने और सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपग्रेड करने का काम पूरा कर लिया है।

हालांकि, नए सिस्टम पर माइग्रेशन के बाद शुरुआती दो हफ्तों तक क्लेम और दूसरी सर्विस रिक्वेस्ट को चरणबद्ध तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। इस दौरान किसी भी तरह की गलती से बचने और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन और वैलिडेशन चेक किए जाएंगे। ऐसे में कुछ मामलों में प्रोसेसिंग में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। यहां पढ़ें पूरी खबर…