कम नहीं जोखिम

कोविड-19 महामारी के कारण भारतीय उपभोक्ताओं में आनलाइन खरीदारी को लेकर खासा जोर बढ़ा है।

सांकेतिक फोटो।

कोविड-19 महामारी के कारण भारतीय उपभोक्ताओं में आनलाइन खरीदारी को लेकर खासा जोर बढ़ा है। कंप्यूटर सुरक्षा से संबंधित कंपनी मैक्एफी के एक सर्वे में बताया गया है कि कोरोना संकट शुरू होने के बाद से आनलाइन खरीदारी में 68 फीसद तक का इजाफा देखने को मिला है। अलबत्ता इस सर्वे से पता इस बात का भी लगता है कि उपभोक्ता आनलाइन मंच पर खुद को अपेक्षित रूप से सुरक्षित नहीं रख रहे हैं, क्योंकि केवल एक चौथाई यानी 27.5 फीसद भारतीयों ने ही ‘आनलाइन सिक्योरिटी साल्यूशन’ का इस्तेमाल किया है। जाहिर है कि बड़ी संख्या में भारतीय उपभोक्ता आनलाइन खरीदारी के दौरान जोखिम के दायरे में बने हुए हैं।

मैक्एफी इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट आफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजिंग डायरेक्टर वेंकट कृष्णापुर अपने अध्ययन और तजुर्बे से बताते हैं कि खरीदारी की इस नई प्रवृत्ति में आगे और इजाफा होगा, क्योंकि ग्राहक अब दुकानों के चक्कर लगाकर नहीं बल्कि आनलाइन खरीदारी को तार्किक आधार पर वरीयता देने लगे हैं। जाहिर है कि ऐसे में आनलाइन पैसों के लेन-देन में वृद्धि को देखते हुए साइबर अपराध से जुड़े लोग और ऐसे गिरोह इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। लिहाजा जरूरी है कि उपभोक्ता संभावित खतरों के प्रति चौकन्ना रहें। खासतौर पर जब त्योहारी मौसम में ज्यादा और बड़ी खरीदारियां हो रही हैं तो सुरक्षा की दरकार और बढ़ जाती है।

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