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नीति आयोग की संचालन समिति की बैठक 30 जुलाई को, राज्यों से पूरे सहयोग की अपील कर सकते हैं मोदी

नीति आयोग ने बैठक के लिए विस्तृत एजेंडा तैयार किया है और केंद्र सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं पर राज्यों को राजी करने की कोशिश कर करेगी
Author नई दिल्ली | July 18, 2016 03:48 am
नीति आयोग। (पीटीआई फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 जुलाई को नीति आयोग की संचालन समिति को तीसरी बैठक को संबोधित करेंगे जिसमें वह देश को तीव्र विकास तथा उच्च आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने के लिए राज्यों से केंद्र सरकार की नीतियों पर चलने का आह्वान कर सकते हैं। एक सूत्र ने कहा, ‘प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली नीति आयोग की संचालन समिति की बैठक 30 जुलाई 2016 को आयोजित की जा रही है।’ सूत्र ने यह भी कहा कि नीति आयोग ने बैठक के लिए विस्तृत एजेंडा तैयार किया है और केंद्र सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं पर राज्यों को राजी करने की कोशिश कर करेगी क्योंकि इससे ‘देश को उच्च आथिक वृद्धि की राह पर ले जाया जा सकेगा।’

संचालन समिति में सभी मुख्यमंत्री शामिल है। इसके अलावा इसमें केंद्र सरकार के गृह, वित्त, रेल और कृषि मंत्री पदेन सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इस बैठक के दौरान गरीबी उन्मूलन पर गठित कार्यबल अपनी रपट सौंपेगा। इसी तरह ‘राज्यों में कृषि के भावी विकास तथा केंद्र इस संबंध में राज्यों को कैसे मदद करे’ मुद्दे पर गठित कार्यबल भी अपनी रपट पेश करेगा। दोनों समिति का गठन आठ फरवरी 2015 को नीति आयोग की पहली बैठक में किया गया था। आयोग 12वीं पंच वर्षीय योजना (2012-17) की मध्यावधि समीक्षा भी पेश करेगा। केंद्र पंचवर्षीय योजना प्रणाली को खत्म करने का फैसला कर चुका है।

नीति आयोग 15 वर्षीय के भविष्य के बारे में एक दृष्टिकोण-पत्र भी पेश करेगा जो गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित होगा। बुनियादी ढांचा, वाणिज्य, शिक्षा तथा स्वास्थ्य पर ध्यान देने अलावा इस विजन दस्तावेज में आंतरिक सुरक्षा तथा रक्षा को शामिल किया जाएगा जो पहले पंचवर्षीय योजना का हिस्सा नहीं होता था। नीति को 2030 तक के लिए 15 साल का एक अभिकल्पना पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी दी गयी है। यह अवधि संयुक्त राष्ट्र के स्वस्थ विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) के लिए तय समय सीमा के अनुरूप ही है। यह 15 साल के लिए परिप्रेक्ष्य योजना होगी।

नीति आयोग 2017-18 से 2023-24 तक के लिए सात साल की एक विकास रणनीति पर भी काम कर रहा है ताकि दीर्घकालिक दस्तावेज को राष्ट्रीय विकास एजेंडे के अनुरूप क्रियान्वयन अनुकूल नीति में तब्दील किया जा सके। आयोग राष्ट्रीय विकास एजेंडे के अंग के तौर पर 2017-18 से 2019-20 के लिए तीन साल की कार्ययोजना भी तैयार कर रहा है जिसमें 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के साथ ताल मेल बिठाया गया होगा। तीन साल की कार्ययोजना महत्वपूर्ण है क्योंकि 12वीं पंचवर्षीय योजना का अंतिम वर्ष 2016-17 है।

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