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आरबीआई की सराहनीय भूमिका ने रुपए को अस्थिर होने से बचाया: नीति आयोग

साल 2013 में रुपए में भारी अवमूल्यन का जिक्र करते हुए पनगढ़िया ने कहा कि पिछले साल नवंबर में इससे भी बड़ा झटका 'नोटबंदी' झेला।

Author न्यूयॉर्क | February 7, 2017 5:58 PM
नीति आयोग के उपाअध्यक्ष डॉ अरविंद पनगढ़िया। (पीटीआई फाइल फोटो)

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने मंगलवार (7 फरवरी) को कहा कि नोटबंदी व ब्रेक्जिट और अमेरिकी चुनाव जैसे वैश्विक घटनाक्रम के बीच रुपए में ‘असाधारण’ स्थिरता लाने में ‘भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘सराहनीय भूमिका’ निभाई पनगढ़िया ने यहां दीपक व नीरा राज सेंटर ऑन इंडियन इकनोमिक पॉलिसीज एट कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित व्याख्यान में यह बात कही। इस व्याख्यान का विषय ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में आर्थिक नीति व प्रदर्शन’ था। उन्होंने कहा,‘जो लोग नोटबंदी के आलोचक हैं वे यह नहीं समझते कि अर्थव्यवस्था में पुनर्पूजीकरण कितना बड़ा काम है।’

साल 2013 में रुपए में भारी अवमूल्यन का जिक्र करते हुए पनगढ़िया ने कहा कि पिछले साल नवंबर में ‘इससे भी बड़ा झटका झेला’ जबकि नोटबंदी और ‘अमेरिकी घटनाक्रम’ का असर पड़ा। अमेरिकी घटनाक्रम से उदीयमान अर्थव्यवस्थाओं से पूंजी एक तरह से निकलनी शुरू हुई। उन्होंने कहा कि ब्रेक्जिट व अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जैसे घटनाओं व नोटबंदी का असर रुपए पर नहीं पड़े और उसमें स्थिरता बनी रहे यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बैंक ने बड़ी भूमिका निभाई। पनगढ़िया ने कहा,‘लेकिन रुपए में स्थिरता बनी रही और इसका श्रेय रिजर्व बैंक को जाता है। इस दौरान आपने केवल नोटबंदी की कहानी सुनी लेकिन किसी ने यह नोटिस नहीं किया कि आरबीआई ने यह सुनिश्चित करने में सराहनीय भूमिका निभाई कि रुपए में अस्थिरता नहीं आए।’

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