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न‍िर्मला सीतारमण ने हनुमान से की भारतीय कंपन‍ियों की तुलना, जान‍िए क्‍यों

वित्त मंत्री का कहना था कि निजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ही सरकार ने टैक्स ब्रेक और प्रोडक्शन से जुड़ी इंसेंटिव्स (PLI) जैसी नीतियां लागू की हैं।

न‍िर्मला सीतारमण ने हनुमान से की भारतीय कंपन‍ियों की तुलना, जान‍िए क्‍यों
निर्मला सीतारमण ने GST को लेकर विवाद पर दी सफाई (फोटो-ANI)

विदेशी कंपनियां भारत में धड़ाधड़ निवेश करने में लगी हैं लेकिन भारतीय कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश से कतरा रही हैं। हीरो माइंडमाइन सम्मिट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय कंपनियों की तुलना भगवान हनुमान जी से करते हुए कहा कि जैसे वो अपनी शक्ति भूल गए थे वैसे ही हमारी कंपनियां भी अपनी क्षमता और ताकत पर भरोसा नहीं कर पा रही हैं।

सीतारमण का भारतीय़ कंपनियों से सवाल था कि जब विदेशियों को कारोबार के लिए भारत बेहतरीन जगह लग रही है तो उन्हें किस बात का डर है। वो अपनी क्षमता को पहचानकर काम करें तो निश्चित तौर पर उन्हें सफलता मिलेगी। उनका कहना था कि भारत के लिए यह सुनहरा अवसर है। सरकार इंडस्ट्रीज की बात को सुनने को तैयार है। हमें इस बार मौका नहीं गंवाना चाहिए।

वित्त मंत्री का कहना था कि निजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ही सरकार ने टैक्स ब्रेक और प्रोडक्शन से जुड़ी इंसेंटिव्स (PLI) जैसी नीतियां लागू की हैं। ध्यान रहे कि सरकार ने पिछले साल ऑटोमोबाइल समेत 14 सेक्टरों के लिए ये स्कीम लागू की थी। इसके जरिये मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने और इंपोर्ट बिल कम करने की कोशिश की जा रही है।

सीतारमण का कहना था कि अगले 25 सालों के दौरान भारत को अपनी वर्क र्फोर्स के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में काम करना चाहिए। लेबर फोर्स पर PLI स्कीम का प्रभाव साफ तौर पर देखा गया है। सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। उकका कहना था कि उन्होंने कहा कि PLI जैसे उपायों के कारण कई और व्यवसाय अपने विनिर्माण कार्यों को चीन से भारत में स्थानांतरित करने पर विचार कर रहे हैं।

वित्त मंत्री का कहना था कि भारतीय कंपनियों को अपनी ताकत को पहचानकर सरकार की नीतियों पर भरोसा करना होगा। जब वो कुछ करने की हिम्मत जुटाएंगी तो सरकार उनका साथ देगी। लेकिन जब हम कुछ करेंगे ही नहीं तो लक्ष्य कैसे हासिल हो पाएगा। कंपनियों को ये बात अपने ध्यान में रखनी चाहिए।

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First published on: 13-09-2022 at 04:31:53 pm
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