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जेटली की घोषणा से झूमा भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स 33,000 के पार, निफ्टी भी 10,340.55 के उच्चतम स्तर पर 

Sensex, Nifty Today: सेंसेक्स 33 हजार के आंकड़े को पहली बार पार किया ,जबकि निफ्टी भी आज तक के सबसे उच्चतम स्तर 10,340.55 पर पहुंच गया।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा मंगलवार (24 अक्टूबर) को भारतीय अर्थव्यवस्था को बेहतर करने से जुड़े उपायों की घोषणा का असर एक दिन बाद मार्केट पर देखने को मिला। सेंसेक्स 33 हजार के आंकड़े को पहली बार पार किया, जबकि निफ्टी भी आज तक के सबसे उच्चतम स्तर 10,340.55 पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि जेटली ने मंगलवार को घोषणा की थी कि फंसे हुए कर्ज की समस्या के चलते पूंजी की कमी से जूझ रहे सरकारी बैंकों का पुन: पूंजीकरण करने के लिए सरकार 2.11 लाख करोड़ रुपए की पूंजी उनमें डालेगी। साथ ही उन्होंने 6.92 लाख करोड़ रुपए बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च करने की भी घोषणा की थी।

ब्रोकरों का मानना है कि इसी के चलते बाजार में तेजी देखी गई और शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार गुलजार रहे। बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 509.99 अंक यानी 1.56% के उछाल के साथ 33,117.33 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर खुला। इससे पहले 17 अक्तूबर को दिन में कारोबार के दौरान यह 32,699.86 अंक के उच्च स्तर पर गया था। पिछले दो सत्र के कारोबार में सेंसेक्स में 224.41 अंक की बढ़त देखी गई है। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित निफ्टी 132.85 अंक यानी 1.30% चढ़कर 10,340.55 अंक के नए उच्च स्तर पर खुला है। इससे पहले वह 17 अक्तूबर को दिन में कारोबार के दौरान यह 10,251.85 अंक के उच्च स्तर पर पहुंचा था।

इस तेजी के दौरान भारतीय स्टेट बैंक का शेयर 19.47% चढ़ गया। वहीं, निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर में आठ प्रतिशत की बढ़त देखी गई। बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़ी एलएंडटी, एनएचपीसी, एचसीसी एनसीसी जैसे कंपनियों के शेयर में तेजी देखी गई। बता दें कि नोटबंदी और जीएसटी से अर्थव्यवस्था की धीमी पड़ी चाल को तेज करने के लिए सरकार ने मंगलवार को 9 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज में करीब 7 लाख करोड रुपये ढांचागत क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं में खर्च के लिए हैं जबकि दो लाख करोड़ रुपये से कुछ अधिक राशि बैंकों में नई पूंजी डालने के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।

वित्त मंत्री अरण जेटली ने मंगलवार को मंत्रालय के पांचों सचिवों और मुख्य आर्थिक सलाहकार की उपस्थिति में तमाम आर्थिक संकेतकों को हवाला देते हुए सरकार के इस दावे को सही ठहराया कि आर्थिक वृद्धि में आया धीमापन अब समाप्त हो चला है और अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से बढ़ने लगी है। आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए उन्होंने ढांचागत क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं में 6.92 लाख करोड़ रुपए खर्च करने और एनपीए के बोझ तले दबे सरकारी क्षेत्र के बैंकों का पूंजी आधार मजबूत बनाने के लिए उनमें दो साल में 2.11 लाख करोड़ रुपए की पूंजी डालने की घोषणा की।

रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की कोष तक और बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के साथ साथ मुद्रा कर्ज योजना को उनकी जरुरत के अनुरुप और बेहतर करना शामिल है। वित्त मंत्रालय के संवाददाता सम्मेलन में अर्थव्यवस्था की स्थिति पर एक प्रस्तुतीकरण दिया गया था, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था के तेज गति के रास्ते पर पहुंचने के बारे में बताया गया। इसमें कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी के 2014 में केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के बाद पिछले तीन साल के दौरान अर्थव्यवस्था में 7.5 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें कहा गया कि पिछले तीन साल के दौरान भारत दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था रहा है।

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