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अर्थव्यवस्था का बुरा दौर जारी! 8 बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में अगस्त में साढ़े 3 साल की सबसे बड़ी गिरावट

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री डा देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, ‘‘यह अप्रैल के बाद बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में आई पहली कमी है और यह दर्शाता है कि मांग कमजोर है।’’

Author नई दिल्ली | October 1, 2019 7:53 AM
business newsतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

देश की अर्थव्यवस्था को दोबारा रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बीते कुछ वक्त में काफी कदम उठाए हैं। कॉरपोरेट को टैक्स में छूट, एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने वाले कदमों से जुड़े बड़े फैसले किए गए हैं। हालांकि, इकनॉमी के मोर्चे से अभी भी नकारात्मक खबरें आ रही हैं। दरअसल, देश के आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन इस साल अगस्त में सालाना आधार पर 0.5 प्रतिशत नीचे रहा। यह पिछले साढ़े तीन साल में आई सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले बड़ी गिरावट नवंबर 2015 में 1.3 प्रतिशत की दर्ज की गईथी।

आठ प्रमुख उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उवर्रक, इस्पात, सीमेंट और बिजली शामिल हैं। पिछले साल अगस्त में इन क्षेत्रों का उत्पादन सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत ऊंचा रहा था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को आंकड़े जारी किया। इसके अनुसार, अगस्त 2019 में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, सीमेंट, बिजली क्षेत्र में क्रमश: 8.6 प्रतिशत, 5.4 प्रतिशत, 3.9 प्रतिशत, 4.9 प्रतिशत और 2.9 प्रतिशत की गिरावट हुई।

समीक्षा अवधि में उवर्रक और इस्पात क्षेत्र का उत्पादन क्रमश: 2.9 प्रतिशत और पांच प्रतिशत बढ़ा है। रिफाइनरी उत्पादों की उत्पादन वृद्धि दर अगस्त 2019 में 2.6 प्रतिशत रही जो अगस्त 2018 की 5.1 प्रतिशत के मुकाबले कम है। बता दें कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अगस्त अवधि में बुनियादी उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर 2.4 प्रतिशत है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में इसी अवधि में इनकी वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत थी।

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री डा देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, ‘‘यह अप्रैल के बाद बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में आई पहली कमी है और यह दर्शाता है कि मांग कमजोर है।’’ उन्होंने कहा,‘ इंडिया रेटिंग को उम्मीद है कि रिजर्व बैंक कक्टूबर की नीतिगत समीक्षा में नीतिगत दर और घटाएगा। पर कमी कितनी होगी यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार द्वारा वृद्धि को प्रोत्साहित करने के हाल के उपायों के असर को रिजर्व बैंक किस रूप में देख रहा है।’’

वहीं, रेटिंग एजेंसी इक्रा ने एक बयान में कहा कि प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर अगस्त में निराशाजनक और कमजोर रही है। आठ में से छह क्षेत्रों की वृद्धि दर में नुकसान हुआ है जबकि सालाना आधार पर पांच क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई है। बयान में कहा गया है कि अगस्त 2019 में बुनियादी उद्योगों में दर्ज की गई गिरावट से स्पष्ट है कि जुलाई में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में जो थोड़ी बढ़त दिखी थी, वह कहीं से भी औद्योगिक सुधार का संकेत नहीं है।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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