Budget 2026 Income Tax Highllights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नए बजट में इनकम टैक्स पेयर्स के लिए रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाते हुए नई डेडलाइन्स घोषित की हैं। इसके साथ ही उन्होंने ITR फॉर्म्स को और आसान बनाए जाने की बात भी कही है। देश का आम बजट लगातार 9वीं बार पेश करते हुए उन्होंने मिडिल क्लास के लिए इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव जैसे बड़े एलान तो नहीं किए, लेकिन कुछ छोटे-छोटे उपायों से टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाने का सिलसिला जारी रखा है।
वित्त मंत्री ने टैक्स से जुड़ी जिन राहतों की घोषणा की है, उनमें सड़क हादसों के मामलों में मिलने वाले मुआवजे और उसके ब्याज को टैक्स-फ्री करने का प्रस्ताव अहम है। इसके अलावा 20 लाख रुपये तक की विदेशी अचल संपत्ति का खुलासा नहीं किए जाने के मामलों में अभियोजन से राहत जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए संपत्ति बेचने पर TDS जमा करना आसान बनाने के लिए नई प्रक्रिया का एलान भी किया गया है।
मोदी सरकार के पिछले बजट में इनकम-टैक्स में भारी बदलाव किए जा चुके हैं। खास तौर पर न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये की सालाना आय को टैक्स-फ्री करने जैसे बड़े कदम उठाए गए हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स-फ्री इनकम का यह दायरा 12.75 लाख रुपये तक है। लेकिन ओल्ड टैक्स रिजीम में इस बार भी कोई राहत नहीं दी गई है।
करदाताओं के लिए गुड न्यूज! 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न कर सकते हैं फाइल, डिटेल्स
Budget 2026 : इन विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे
Budget 2026 Tax Proposals : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को भारत में स्थित डेटा सेंटर का इस्तेमाल करके दुनिया भर में क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे (Tax holiday) की घोषणा की है। इस एलान का मकसद ज़रूरी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा देना है।
अपने बजट 2026-27 भाषण में सीतारमण ने कहा कि यह प्रोत्साहन कुछ शर्तों के साथ लागू होगा। इस छूट के लिए विदेशी कंपनियों को एक भारतीय रीसेलर एंटिटी के माध्यम से भारतीय ग्राहकों को सेवाएं देना अनिवार्य होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस कदम से ग्लोबल डेटा सेंटर हब के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय के लिए विदेशी निवेश आकर्षित होगा।
फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने से क्रैश हुआ शेयर बाजार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का एलान किया, जिससे डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग की लागत पर असर पड़ने की संभावना है। इसके बाद सेंसेक्स और निफ्टी क्रैश हो गए। इस घोषणा के तहत फ्यूचर्स पर STT बढ़ाकर 0.05% किया गया, जबकि ऑप्शंस पर STT बढ़ाकर 0.15% किया गया है। वित्त मंत्री की घोषणा का मतलब है कि फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाला सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) अब ट्रांजैक्शन वैल्यू के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे फ्यूचर्स ट्रेड थोड़े महंगे हो जाएंगे। STT एक ऐसा टैक्स है जो मार्केट ट्रांजैक्शन पर लगता है, इसलिए इस बढ़ोतरी से ट्रेडर्स के लिए लागत सीधे बढ़ जाएगी, खासकर उन लोगों के लिए जो बार-बार या बड़ी मात्रा में ट्रेड करते हैं। इसके साथ ही सीतारमण ने यह भी घोषणा की है कि सरकार सभी तरह के शेयरधारकों को शेयर बायबैक से होने वाली कमाई को कैपिटल गेन्स (LTCG) मानकर टैक्स लगाएगी।
Budget 2026 Live : NRI प्रॉपर्टी की बिक्री में आसान होगी TDS प्रॉसेस
सरकार ने नॉन-रेजिडेंट्स (NRI) द्वारा अचल संपत्ति की बिक्री पर TDS की प्रॉसेस को आसान बनाने का प्रस्ताव किया है। अब NRI द्वारा बेची गई संपत्ति पर लागू TDS को अब रेजिडेंट खरीदार द्वारा उनके PAN-आधारित चालान का उपयोग करके काटा और जमा किया जाएगा, जिससे टेम्पररी अकाउंटिंग नंबर (TAN) की ज़रूरत खत्म हो जाएगी और कंप्लायंस आसान हो जाएगा।
Budget 2026 Live : 20 लाख तक के विदेशी एसेट्स के मामले में अभियोजन से राहत
वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2026 में प्रस्ताव किया है कि जिन लोगों ने विदेशों में 20 लाख रुपये से कम कुल वैल्यू वाली गैर-अचल संपत्ति (non-immovable foreign assets) का खुलासा नहीं किया है, उन्हें अभियोजन (prosecution) से छूट दी जाएगी। यह छूट 1 अक्टूबर, 2024 से यानी पिछली डेट से ( retrospectively) लागू मानी जाएगी, जिससे छोटे वैल्यू वाले विदेशी एसेट होल्डर्स के लिए कंप्लायंस आसान हो जाएगा।
Budget 2026 Live : ITR फाइलिंग की टाइमलाइन में बदलाव
वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2026 में इनकम टैक्स फाइलिंग से जुड़ी प्रॉसेस में बड़े बदलाव का एलान करते हुए कहा, "मैं मामूली फीस के साथ रिटर्न रिवाइज करने के लिए उपलब्ध समय को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च तक करने का प्रस्ताव करती हूं। मैं टैक्स रिटर्न फाइल करने की टाइमलाइन को भी अलग-अलग करने का प्रस्ताव करती हूं। ITR 1 और ITR 2 वाले व्यक्ति 31 जुलाई तक आईटीआर फाइल करना जारी रखेंगे, जबकि नॉन-ऑडिट बिजनेस या ट्रस्ट को 31 अगस्त तक का समय देने का प्रस्ताव है।"
Income Tax Slabs Budget 2026 Live Updates: विदेश में रहने वालों के लिए इक्विटी निवेश का दायरा बढ़ा
वित्त मंत्री ने विदेश में रहने वालों के लिए इक्विटी निवेश का दायरा बढ़ाने वाले प्रस्ताव का एलान करते हुए कहा, "भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों (persons resident outside India - PROI) को इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने की अनुमति दी जाएगी। यह भी प्रस्ताव है कि इस योजना के तहत एक PROI के लिए निवेश की सीमा को 5% से बढ़ाकर 10% किया जाए और सभी व्यक्तिगत PROI के लिए कुल निवेश सीमा को मौजूदा 10% से बढ़ाकर 24% किया जाए।"
Income Tax Slabs LIVE Updates : आसान इनकम टैक्स सिस्टम जल्द नोटिफाई होगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि जल्द ही एक आसान इनकम टैक्स सिस्टम नोटिफाई किया जाएगा, जिससे टैक्सपेयर्स के लिए कंप्लायंस आसान हो जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म को फाइलिंग को आसान और ज़्यादा यूज़र-फ्रेंडली बनाने के लिए फिर से डिज़ाइन किया गया है।
उम्मीद है कि इस कदम से कन्फ्यूजन कम होगा, फाइलिंग में सटीकता बढ़ेगी, और प्रोसेसिंग और रिफंड में तेज़ी आएगी। टैक्सपेयर्स अब इस बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि नया फ्रेमवर्क कैसे काम करेगा, नोटिफिकेशन की टाइमलाइन क्या होगी, और क्या आसान सिस्टम डिडक्शन, कैपिटल गेन और छूट के लिए ज़्यादा स्पष्ट नियम लाएगा।
स्वास्थ्य शिक्षा पर TCS 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी किया जाएगा
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्वास्थ्य शिक्षा पर टीसीएस 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने का एलान किया है।
वित्त मंत्री ने एलान किया है कि अब मोटर हादसे के मुआवजे के तौर पर मिलने वाली रकम और उसके ब्याज पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा। उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों के लिए सीधी राहत की घोषणा करते हुए कहा, "मैं प्रस्ताव करती हूं कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा किसी भी व्यक्ति को दिया गया कोई भी ब्याज इनकम टैक्स से मुक्त होगा, और इस पर कोई TDS भी नहीं लगेगा।"
Income Tax Slabs LIVE Updates: रिटर्न संशोधित करने के लिए 31 जुलाई तक का समय
Income Tax Slabs LIVE Updates : वित्त मंत्री ने एलान किया है कि इनकम टैक्स रिटर्न में संशोधन के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया जाएगा।
Income Tax Slabs LIVE Updates: वित्त मंत्री अब पेश कर रही हैं डायरेक्ट टैक्स से जुड़े प्रस्ताव। छोटे टैक्सपेयर्स की आसानी के लिए उपाय किए जाएंगे। 1 अप्रैल से इनकम टैक्स का नया फॉर्म लागू होगा। विदेश यात्रा पर 2 फीसदी टीडीएस लागू होगा।
Income Tax Slabs LIVE Updates: ओल्ड टैक्स रिजीम में मिलेगी बड़ी राहत?
न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में स्टैंडर्ड डिडक्शन (standard deduction) को बढ़ाकर 75,000 रुपये करने से सैलरी वाले टैक्सपेयर्स को काफी राहत मिली है। लेकिन अब पुरानी टैक्स रिजीम वाले टैक्सपेयर्स भी इस मामले में बराबरी का बर्ताव किए जाने की मांग कर रहे हैं। बजट 2026 में इनकम टैक्स से जुड़ी उम्मीदों में यह मुद्दा काफी अहम है। सैलरीड क्लास का तर्क है कि अगर पुराने सिस्टम को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा रहा है, तो स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी समानता होनी चाहिए। मिडिल क्लास टैक्सपेयर इसे निष्पक्षता का मामला मानते हैं। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि टैक्स ट्रीटमेंट में बराबरी नहीं होने से कन्फ्यूजन और असंतोष बढ़ता है। ऐसे में सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वित्त मंत्री बजट में इन मांगों को पूरा करने के लिए कुछ करेंगी?
Budget Speech 2026 Live : वित्त मंत्री अब रेल बजट पेश कर रही हैं
वित्त मंत्री निर्मली सीतारमण अब देश का रेल बजट (Rail Budget 2026) पेश कर रही हैं। जिसकी शुरुआत उन्होंने 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने के बड़े एलान के साथ की है। सीतारमण ने लोकसभा में दिए अपने बजट भाषण में कहा कि ये 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर का काम करेंगे। उन्होंने कहा, "पर्यावरण के अनुकूल पैसेंजर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच ग्रोथ कलेक्टर के तौर पर सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाएंगे।" रेल बजट से जुड़े एलानों को डिटेल में जानने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं।
Income Tax Slabs के अलावा और किन बातों पर है टैक्सपेयर्स की नजर?
इनकम टैक्स स्लैब के अलावा, टैक्सपेयर्स की नजर टैक्स सिस्टम में किए जाने वाले सुधारों पर भी रहेगी। टैक्स सिस्टम को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए इनकम टैक्स रिफंड की रियल-टाइम ट्रैकिंग शुरू किए जाने की सलाह दी जाती रही है। इसके अलावा गोल्ड इंडस्ट्री डिमांड को सपोर्ट करने के लिए GST की समीक्षा और आसान फाइनेंसिंग ऑप्शन जैसे कदम उठाए जाने की उम्मीद कर रही है। वहीं निवेशक सरप्राइज़ की जगह स्टेबिलिटी को सपोर्ट करने वाले बजट की उम्मीद कर रहे हैं। कुल मिलाकर, बजट 2026 से लोगों की उम्मीदें सिर्फ टैक्स कटौती तक सीमित नहीं हैं। टैक्सपेयर्स और निवेशक, दोनों एक बेहतर और आसान सिस्टम, नियमों में स्पष्टता और भरोसा जगाने वाले कदमों का भी इंतजार कर रहे हैं।
Income Tax Slabs LIVE Updates: वित्त मंत्री के बजट भाषण में टैक्सपेयर्स को राहत का इंजतार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट भाषण दे रही हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 से देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स से जुड़ी बड़ी घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं। मध्यम वर्ग और सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स स्लैब और दरों में स्पष्टता, नई टैक्स व्यवस्था में संभावित बदलाव और कैपिटल गेन्स टैक्सेशन में राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
इसके अलावा, 80C, 80D, होम लोन ब्याज और NPS के तहत ऊंची लिमिट, साथ ही आसान नियमों, तेज़ रिफंड और कम नोटिस की भी उम्मीद है। सरकार पुरानी टैक्स व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म करने का संकेत देती है या नई व्यवस्था को और नया रूप देती है, यह टैक्सपेयर्स के लिए सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले नतीजों में से एक है।
Budget 2026 Speech LIVE : वित्त मंत्री का बजट भाषण शुरू, क्या 80D, 115BAC और 87A पर होंगे बड़े एलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण शुरू हो गया है। फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वित्त मंत्री नए बजट में पुराने इनकम टैक्स के सेक्शन्स 80D, 115BAC और 87A में मिलने वाली राहत को बढ़ाने के लिए कोई बड़े एलान कर सकती हैं? पिछले साल बजट में इनकम टैक्स के मोर्चे पर मिली बड़ी राहत के बाद अगर कोई भी नई छूट दी जाती है, या उनमें इजाफा किया जाता है, तो यह बड़ी बात होगी।
आम टैक्सपेयर नए बजट में इनकम टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने की भले ही उम्मीद कर रहे हों, लेकिन क्या ऐसा वाकई होने जा रहा है? केंद्र सरकार ने पिछले साल के बजट में न्यू टैक्स रिजीम में जितने बड़े पैमाने पर टैक्स में राहत दी थी, उसे देखते हुए लगातार दूसरे साल भी भारी-भरकम एलान किए जाएंगे या नहीं, यह देखने वाली बात है। खास तौर पर इस बात को ध्यान में रखते हुए कि सरकार को अपने फिस्कल डेफिसिट यानी राजकोषीय घाटे को काबू में रखने पर भी ध्यान देना है। इन हालात में इस बात की काफी संभावना है कि सरकार बजट 2026 में इनकम टैक्स में बड़ी रिलीफ देने पर ज्याजा जोर नहीं देगी। हां, नियमों को आसान बनाने के लिए या उनमें उजागर की जाने वाली कुछ विसंगतियों को दूर करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
बजट 2026 में क्या सोना, चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी कम करेगी सरकार ?
केंद्रीय बजट 2026 से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी से उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे बुलियन निवेशक परेशान हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से इसमें संभावित दखल दिए जाने की उम्मीदें बढ़ रही हैं।
बजट के दिन (रविवार, 1 फरवरी) शेयर बाजार के साथ ही साथ MCX पर भी कारोबार खुला हुआ है। फिलहाल MCX गोल्ड फ्यूचर्स (02 अप्रैल 2026) लगभग 9% गिरकर 1,38,702 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स (05 मार्च 2026) भी लगभग 9% गिरकर 2,65,652 रुपये पर है।
हालांकि मौजूदा गिरावट से पहले हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी देखी गई। इसलिए बाज़ार की नजरें इस बात पर टिकी हुई हैं कि बजट 2026 में कीमतों को स्टेबिलाइज करने करने, तस्करी को रोकने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूद अनिश्चितता के बीच डिमांड को सपोर्ट करने के लिए कोई राहत देने वाले उपाय पेश किए जाते हैं या नहीं। इस सिलसिले में खास तौर पर सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की उम्मीद की जा रही है।
LTCG टैक्स कम करने और STT वापस लेने की उम्मीद पूरी होगी?
बाजार में पैसे लगाने वाले निवेशक टैक्स में राहत के लिए पर बजट 2026 पर नज़र रख रहे हैं। एक्सपर्ट्स को भी उम्मीद है कि निवेशकों के सेंटिमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस बजट में कुछ कदम उठा सकती है। अगर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में कमी करने और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को वापस लेने जैसे कदम उठाए जाते हैं, तो निवेशकों को बड़ी राहत मिल सकती है। डेट इंस्ट्रूमेंट्स और स्ट्रक्चर्ड प्रोडक्ट्स को टैक्स छूट में पैरिटी दिए जाने की मांग भी जोर-शोर से उठती रही है। इन पर अभी ज़्यादा मार्जिनल रेट से टैक्स लगता है। अगर इस मोर्चे पर राहत मिलती है, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बजट 2026 से जुड़ी इनकम टैक्स की उम्मीदों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस डिडक्शन को बढ़ाने और पेंशन से जुड़े टैक्सेशन को और आसान बनाने की मांग शामिल है। वरिष्ठ नागरिकों हेल्थकेयर का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मिडल क्लास के रिटायर लोग चाहते हैं कि बजट 2026 में उनकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए कुछ नए कदम उठाए जाएं। अब देखना यह है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने नए बजट में उनकी इन उम्मीदों को किस हद तक पूरा करती हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस में मिलेगी छूट?
ओल्ड टैक्स रिजीम में सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन न्यू टैक्स रिजीम में यह सुविधा नहीं है। मौजूदा दौर में इलाज और अस्पताल का खर्च काफी तेजी से बढ़ा है, ऐसे में लोग चाहते हैं कि न्यू टैक्स रिजीम में भी हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर छूट दी जाए।
फिलहाल ओल्ड रिजीम में टैक्सपेयर को अपने, अपने पत्नी और बच्चों के लिए 25,000 रुपये और माता-पिता के लिए अलग से 25,000 रुपये तक के सालाना प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह छूट सालाना 50,000 रुपये तक के प्रीमियम पर मिलती है। यही सुविधा न्यू टैक्स रिजीम में जोड़ने की मांग उठ रही है।
Income Tax Slabs LIVE Updates: क्या टैक्सपेयर्स को फिर राहत मिलेगी?
TDS से जुड़ी समस्याएं, रिफंड में देरी और AIS में मेल न खाने की समस्याएं ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी चिंता बन गई हैं। उम्मीद है कि बजट 2026 में सरकार टैक्स कंप्लायंस के बोझ को कम करेगी।
इनकम टैक्स से जुड़ी उम्मीदें हैं: तेज़ रिफंड, बेहतर TDS क्रेडिट मैकेनिज़्म और कम नोटिस। सैलरीड और फ्रीलांसर चाहते हैं कि टैक्स सिस्टम टैक्सपेयर्स के अनुकूल हो ना कि उनके लिए स्ट्रेस का कारण बने।
राष्ट्रपति से मिलीं वित्त मंत्री
निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 से पहले राष्ट्रपति भवन में की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात
बजट से पहले शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पेश होने से पहले शेयर बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव। यहां पढ़ें पूरी खबर...
Income Tax Slabs LIVE Updates: टैक्सपेयर्स की नजर न्यू टैक्स रिजीम पर टिकी
इनकम टैक्सपेयर्स की नजर न्यू टैक्स रिजीम पर टिकी है। सरकार ने पिछले बजट (Budget 2025) में इसे आसान और कम टैक्स स्लैब वाले ऑप्शन के तौर पर पेश किया, जिससे बड़ी संख्या में करदाताओं को फायदा हुआ। लेकिन कई जरूरी टैक्स बेनिफिट्स के नहीं होने की वजह से, बहुत सारे टैक्सपेयर्स के लिए यह नया विकल्प उतना फायदेमंद नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार इस बार बजट में कुछ नए प्रावधान जोड़कर न्यू टैक्स रिजीम को और आकर्षक बना सकती है।
Income Tax Slabs LIVE Updates: बजट के दिन इनकम टैक्स को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा
बजट प्रस्तुति के दिन इनकम टैक्स, वित्त मंत्री के भाषण का सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला और सबसे करीब से देखा जाने वाला विषय रहता है क्योंकि इसका असर आबादी के बड़े हिस्से पर पड़ता है। वेतनभोगी कर्मचारी, पेंशनधारक, फ्रीलांसर और छोटे निवेशक सभी इनकम टैक्स में राहत से जुड़ी घोषणाओं पर नजर बनाए रखते हैं।
बजट 2026 से इनकम टैक्स को लेकर उम्मीदों में टैक्स स्लैब में बदलाव, रिबेट बढ़ोतरी, स्टैंडर्ड डिडक्शन में संशोधन और टैक्स नियमों को सरल बनाना शामिल है। इनकम टैक्स नीति में किए गए छोटे-छोटे बदलाव भी मंथली टेक-होम सैलरी पर बड़ा असर डाल सकते हैं। यही वजह है कि बजट भाषण के दौरान और उसके तुरंत बाद बजट 2026 से जुड़े इनकम टैक्स सर्च सबसे ज्यादा बढ़ जाते हैं।
Income Tax Slabs LIVE Updates: वित्त मंत्रालय की टीम में कई सीनियर अधिकारी
बजट बनाने वाली वित्त मंत्रालय की टीम में कई सीनियर अधिकारी शामिल रहे। इसमें इकनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी अनुराधा ठाकुर, रेवेन्यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव, एक्सपेंडीचर सेक्रेटरी वुमलुमांग वुआलनम, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी एम नागराजू, दीपम के सेक्रेटरी अरुणीश चावला, डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज के सेक्रेटरी के मोजेज चलाई और चीफ इकनॉमिक एडवाइजर वी अनंत नागेश्वरन का नाम भी शामिल हैं।
Income Tax Slabs LIVE Updates: इनकम टैक्स स्लैब को लेकर टैक्सपेयर्स को बड़ी उम्मीद
बजट 2026 से पहले मध्यम वर्ग और वेतनभोगी करदाताओं की सबसे बड़ी उम्मीदें इनकम टैक्स स्लैब को लेकर हैं। नई टैक्स व्यवस्था में 12.75 लाख रुपये तक शून्य टैक्स की व्यवस्था के बाद अब सवाल यह है कि आगे और क्या राहत दी जाएगी।
करदाताओं को उम्मीद है कि बजट 2026 में या तो टैक्स स्लैब को और तर्कसंगत बनाया जाएगा या फिर धारा 87A के तहत मिलने वाली रिबेट की सीमा बढ़ाई जाएगी।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए इनकम टैक्स स्लैब की सीमाओं में बदलाव जरूरी हो गया है। वेतनभोगी वर्ग चाहता है कि टैक्स का बोझ कम हो और उनकी टेक-होम सैलरी बढ़े।
बजट 2026 से जुड़ी इनकम टैक्स अपेक्षाओं में यह भी शामिल है कि सरकार मध्यम वर्ग को राहत देने को प्राथमिकता दे, क्योंकि खपत और बचत दोनों ही इससे सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं।
न्यू vs ओल्ड टैक्स रिजीम
पुराने टैक्स रिजीम में 2.5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स में छूट मिलती है जबकि नई टैक्स व्यवस्था में यह सीमा 4 लाख रुपये तक है। अगर पुरानी व्यवस्था को देखें तो धारा 87A के तहत रिबेट मिलने के बाद 5 लाख रुपये तक की कमाई पूरी तरह टैक्स फ्री हो जाती है। वहीं नई टैक्स व्यवस्था में 87A रिबेट के साथ 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होता। नई टैक्स रिजीम को इतना आकर्षक बना दिया गया है कि लगभग 90% करदाता अब इसी व्यवस्था को अपना चुके हैं।
Income Tax Slabs LIVE Updates: आप ऐसे डाउनलोड कर सकते हैं बजट डॉक्युमेंट्स
अगर आप बजट डॉक्युमेंट्स को देखना चाहते हैं तो इसे भी देख सकते हैं। बजट पेश होने के बाद आप केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल indiabudget.gov.in पर डॉक्युमेंट्स अपलोड कर दिए जाएंगे जिसे आम लोग भी एक्सेस कर सकेंगे।
