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NETFLIX: कभी किराए पर DVD का व्यापार, बन गई 130 बिलियन डॉलर की कंपनी! अमेजन ने भी की थी खरीदने की कोशिश

कंपनी ने 2007 में इसकी तरफ कदम बढ़ाया लेकिन 2012 में कंपनी को जबरदस्त फायदा हुआ इसके बाद कंपनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (indian express file)

अमेरिकन स्ट्रीमिंग सर्विस नेटफ्लिक्स (Netflix) कभी किराए पर डीवीडी (DVD) देने का व्यापार करती थी। वक्त कितनी तेजी से बदलता है जो कंपनी कभी किराए पर डीवीडी मुहैया करवाती थी वह आज 130 बिलियन डॉलर की स्ट्रीमिंग और प्रोडक्शन कंपनी है। कंपनी के कई अवॉर्ड विनिंग शोज और 150 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं। कंपनी ने 1997 में ऑनलाइन डीवीडी किराए पर देना शुरू किया था। लेकिन जैसे-जैसे इंटरनेट की पहुंच आम आदमी तक पहुंचने लगी कंपनी ने ‘वीडियो ऑन डिमांड’ की शुरुआत की।

कंपनी ने 2007 में वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की जरुरत को भांपते हुए इसकी तरफ कदम बढ़ाया लेकिन 2012 में कंपनी को जबरदस्त फायदा हुआ इसके बाद कंपनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कंपनी ने इतनी तरक्की की अमेजन जैसी ई-कॉर्मस कंपनी ने नेटफ्लिक्स को खरीदने की इच्छा जताई। आखिर नेटफ्लिक्स इतनी बड़ी कंपनी कैसे बनी? कंपनी ने एसी क्या रणनीति अपनाई जिससे आज यह सबसे बड़ी वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनी बन गई है। कंपनी के पहले सीईओ मार्क रैनडोल्फ ने एक किताब के जरिए इसका जिक्र किया है। किताब का नाम ‘That Will Never work’ है।

उन्होंने इसमें बताया है कि ‘हर बिजनेस की तरह नेटफ्लिक्स की यात्रा आसान नहीं थी। हमें भी कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ी। मैंने नेटफ्लिक्स को छोड़ दिया था क्योंकि जो मैं चाहता था उस समय वो नहीं हो रहा था। मैं नेटफ्लिक्स को एक नजरिए से देखता था।’ वह आगे कहते हैं ‘कंपनी को शुरुआत में उतना फायदा नहीं हो रहा था जितने की उम्मीद की जा रही थी। इसके बाद हमने 2001 में कंपनी का रेंटल बिजनेस को कम करते हुए वीडियो स्ट्रीमिंग की तरफ ध्यान दिया। साल दर साल इस यात्रा में हम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे थे दूसरी कंपनियां भी हमारी तरह की सर्विस दे रही थी। लेकिन हमें खुद को सबसे अलग रखना था इसके लिए हमने अपने कंटेट पर ध्यान दिया। और आज इस मुकाम पर पहुंचने में कामयाब रहे।

वह कहते हैं ‘अगर कोई फाउंडर मुझसे अपने आइडिया पर बात करे और बताए कि उसका आइडिया कितना बेहतर है तो मैं उसकी एक नहीं सुनूंगा। वहीं दूसरी तरफ अगर कोई फाउंडर मुझे समस्याओं के बारे में बताएगा तो मैं उसकी जरूर सुनूंगा। कंपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद इस मुकाम पर पहुंचने में कामयाब रही।’

उन्होंने किताब में बताया कि जब हमने कंपनी के वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस को लॉन्च किया तो उसके दो महीने के भीतर ही अमेजन के मालिक जेफ बेजोस का ऑफर आया और उन्होंने नेटफ्लिक्स को खरीदने की भी बात की थी लेकिन हमने कंपनी को बेचने का फैसला नहीं लिया।

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