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BHEL, MMTC समेत इन PSU में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, कैबिनेट ने विनिवेश के फैसले को दी सैद्धांतिक मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात के जामनगर आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान रूप में मंजूरी दी है।

modi cabinetकैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। फाइल फोटो

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नीलांचल इस्पात लिमिटेड में एमएमटीसी (HMTC) सहित छह सार्वजनिक उपक्रमों की हिस्सेदारी बिक्री के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं को यह जानकारी दी। जावड़ेकर ने कहा कि मंत्रिमंडल ने नीलांचल इस्पात में छह कंपनियों के कुछ शेयरों के विनिवेश की मंजूरी दे दी है। इन छह सार्वजनिक उपक्रमों में एमएमटीसी के अलावा राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी), भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लि. (भेल), ओड़िशा माइनिंग कॉरपोरेशन, ओडिशा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और मेकॉन शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एमएमटीसी द्वारा नीलांचल इस्पात में अपनी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री की जाएगी। ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन 20 प्रतिशत, ओडिशा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन 12 प्रतिशत और एनएमडीसी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। कैबिनेट ने कोल माइनिंग में कमर्शियल माइनिंग का रास्ता साफ कर दिया है। इसके लिए MMDR एक्ट में बदलाव किया जाएगा, जिसके लिए कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। आज कैबिनेट ने जो फैसला लिया उसके मुताबिक देर शाम या कल तक इस अध्यादेश को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलेगी और 24 घंटे के भीतर ये सारे बदलाव लागू हो जाएंगे।

कैबिनेट के फैसले के बाद कोल माइनिंग (Coal Mining) की नीलामी की जाएगी, उस नीलामी में वो कंपनियां भी हिस्सा ले सकेंगी जो स्टील सेक्टर (Steel Sector) और पावर सेक्टर (Power Sector) में ना हो या सिर्फ माइनिंग करने का काम करती हो। इसके लिए सरकार एमएमडीआर अधिनियम (MMDR Act) में बदलाव करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात के जामनगर आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान रूप में मंजूरी दी है। वहीं कैबिनेट ने भारत और फ्रांस के बीच प्रवास और गतिशीलता साझेदारी समझौते को मंजूरी दी। इस समझौते पर मार्च 2018 में दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए थे।यह समझौता 7 साल के लिए वैध होगा, इसमें ऑटो नवीनीकपण के प्रावधान शामिल हैं।

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