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जीएसटी बनेगा हकीकत: मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया दो चीजों से भयभीत है, पहला आतंकवाद और दूसरा साइबर आतंक, जो और भी खतरनाक है।
Author रियाद | April 4, 2016 01:29 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (पीटीआई फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक निवेशकों को भारत में आसान कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने का वादा किया है। प्रधानमंत्री रविवार को सऊदी अरब की कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों (सीईओ) और भारतीय उद्योग व्यापार जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों की बैठक को यहां संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में पिछली तिथि से कराधान अब बीते दिनों की बात हो चुकी है। लेकिन पिछली सरकार के समय से चले आ रहे दो लंबित मामलों में वह कुछ नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन पर मुकदमे चल रहे हैं।

सऊदी अरब की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने वहां के उद्यमियों को भारत में रेलवे, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक साझा अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था जीएसटी (वस्तु और सेवा कर) अब लागू होने ही वाली है। हालांकि उन्होंने जीएसटी लागू करने को लेकर कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने विदेशी निवेश के लिए विभिन्न क्षेत्रों को खोला है। भारत वैश्विक आर्थिक नरमी के बीच ‘उम्मीद की किरण’ के रूप में खड़ा है। उन्होंने कहा, ‘विश्व बैंक की कारोबार सुगमता की सूची में भारत की स्थिति में 12 पायदान का सुधार हुआ है। हमने प्रशासनिक सुधारों के मामले में कई कदम उठाए हैं, इससे हमारी रैंकिंग और सुधरेगी।’

मोदी ने कहा, ‘आप जीएसटी को लेकर चिंतित हैं। जीएसटी को लेकर चिंतित मत होइए। जीएसटी हकीकत बनेगा। मैं आपको कोई समयसीमा नहीं दे सकता लेकिन यह होगा। यह हमारी प्रतिबद्धता है और यह होने वाला है।’ उन्होंने कहा कि कर कानूनों में पूर्व की तिथि से कोई सुधार अब बीते दिनों की बात है। मोदी ने कहा, ‘पूर्व सरकार के समय के दो मामले है, लेकिन उन पर मुकदमे चल रहे हैं, इसलिए मैं उनमें कुछ करने की स्थिति में नहीं हूं। पर अब पिछली तिथि से कराधान बीतें दिन की बात हो गई है। ऐसा अब आगे नहीं होगा।’

प्रधानमंत्री ने हालांकि उपरोक्त लंबित मामलों के नाम नहीं लिए लेकिन ऐसे दो प्रमुख मामले वोडाफोन तथा केयर्न से जुड़े हैं। मोदी ने कहा, ‘अगर कोई 10 साल बाद भारत आने की योजना बनाता है, वह कर ढांचे का आकलन करने के काबिल होना चाहिए। इसीलिए मैं दीर्घकालीन भरोसेमंद कर प्रणाली के पक्ष में हूं। हमने इसे क्रियान्वित किया है। इसीलिए मुझे नहीं लगता कि आने वाले दिनों में कोई समस्या होगी।’ प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि सऊदी निवेशक निवेश के संभावित क्षेत्र के रूप में पेट्रोलियम, अक्षय ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और रक्षा निर्माण पर गौर कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘उर्वरक, गोदाम, कोल्ड-चेन सुविधा और कृषि क्षेत्र में सऊदी निवेश सभी के लिए फायदेमंद वाली भागीदारी होगी। इस तरह की भागीदारी से सऊदी अरब के लिए अच्छी गुणवत्ता के खाद्य उत्पाद की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।’ उन्होंने कहा कि आयात बिल के मामले में तेल के बाद रक्षा क्षेत्र दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। मोदी ने कहा, ‘हम रक्षा क्षेत्र के लिए हर चीज आयात करते हैं। आखिर हम भारत में रक्षा उपकरणों का निर्माण नहीं कर सकते? जो भी निर्माण होगा, भारत बहुत बड़ा खरीदार होगा।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया दो चीजों से भयभीत है, पहला आतंकवाद और दूसरा साइबर आतंक, जो और भी खतरनाक है। साइबर आतंकवाद दिखता नहीं पर, फिर भी घटित सकता सकता है। उन्होंने कहा, ‘साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवप्रतर्न की जरूरत है। भारत के पास प्रतिभा है। गतिशील पेशेवर प्रबंधन की जरूरत है। उसके लिए काफी निवेश की जरूरत है।’ पेट्रोलियम क्षेत्र में निवेश का निमंत्रण देते हुए मोदी ने कहा कि निवेशक ऊर्जा क्षेत्र में भारत के सहयोगी हो सकते हैं क्योंकि देश पारदर्शी नीतियों की पेशकश करता है। उन्होंने कहा कि भारत अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादन 5,500 मेगावाट पहुंच गया है।

मोदी ने कहा, ‘जब मैंने पहली बार 175 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) अक्षय ऊर्जा की बात की तो लोगों को अचंभा हुआ। मुझे विश्वास है कि हम निश्चित समयअवधि में यह लक्ष्य हासिल करेंगे। मैं सौर उपकरण निर्माण में निवेश चाहता हूं। हम 175 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन करने को तैयार हैं, जो दुनिया के लिए असाधारण चीज है।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज के साथ मुलाकात के दौरान व्यापार, निवेश बढ़ाने और आतंकवाद की नकेल कसने सहित सामरिक सहयोग का विस्तार करने समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा पर नरेंद्र मोदी शनिवार को यहां पहुंचे थे। पिछले सात महीने में खाड़ी क्षेत्र की उनकी यह दूसरी यात्रा है। पिछले साल अगस्त में वो संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर गए थे। शाह से बातचीत से पहले सऊदी अरब के विदेश मंत्री अब्देल अल जुबैर ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। वहां के स्वास्थ्य मंत्री और राष्ट्रीय तेल कंपनी अरामको के प्रमुख खालिद ए अल फलीह ने भी मोदी से मुलाकात की।

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