म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले जान लें डिविडेंट और ग्रोथ में फर्क, जानें क्या हो सकता है ज्यादा फायदेमंद

ग्रोथ विकल्प में फंड मैनेजर द्वारा बुक किया गया प्रॉफिट दोबारा से निवेश कर दिया जाता है। इसके बाद प्रॉफिट पर भी प्रॉफिट मिलने की गुंजाइश रहती है और एनएवी बढ़ जाता है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटो: फाइनेंशियल एक्सप्रेस )

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले डिविडेंड, ग्रोथ और डिविडेंट री-इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। बेहतर विकल्प चुनने से आप अच्छा रिटर्न भी पा सकते हैं। म्यूचुअल फंड में ये तीनों विकल्पों के जरिए रिटर्न मिलता है।

आपको बता दें कि डिविडेंड और ग्रोथ ऑप्शन में क्या फर्क है। पहले विकल्प के तहत आपको रिटर्न का भुगतान मिल जाता है जबकि दूसरे विकल्प में मिलने वाले रिटर्न को फिर से निवेश करवा दिया जाता है। डिविडेंट के मामले में निवेशकों को निश्चित समय में रिटर्न का भुगतान किया जाता है। यह वार्षिक, दैनिक, तिमाही हो सकात है। वहीं ग्रोथ ऑप्शन में जो भी लाभ मिलता है उसे स्कीम में फिर से डाल दिया जाता है। इसका भुगतान निवेशक को नहीं किया जाता है।

दोनों ही मामलों में फंड पोर्टफोलियो एक जैसा ही होता है। शेयर इंडिया के अधिकारी डॉ. रवि सिंह ने बताया, ‘डिविडेंड और ग्रोथ दोनों ही विकल्प में पोर्टफोलियो एक जैसा ही रहता है। अंतर केवल इतना है कि ग्रोथ के विकल्प में दोबारा निवेश कर दिया जाता है।’

माइफंड बाजार के सीईओ विनीत खंडारे के मुताबिक ग्रोथ के विकल्प में NAV ज्यादा होता है। इस विकल्प में जो टोटल रिटर्न भी ज्यादा हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘डिविडेंड में फंड मैनेजर द्वारा द्वारा बुक किया गया प्रॉफिट निवेशकों में बांट दिया जाता है। इसके बाद एनएवी से डिविडेंड घटा दिया जाता है। ऐसे में एक्स डिविडेंड एनएवी कम हो जाता है। वहीं ग्रोथ में यह बढ़ता रहता है।’

ग्रोथ विकल्प में फंड मैनेजर द्वारा बुक किया गया प्रॉफिट दोबारा से निवेश कर दिया जाता है। इसके बाद प्रॉफिट पर भी प्रॉफिट मिलने की गुंजाइश रहती है और एनएवी बढ़ जाता है।

आइए समझते हैं कि ग्रोथ ऑप्शन में क्या होता है। मान लीजिए किसी ने 10 रुपये की एनएवी प्राइस पर 100 यूनिट खरीदी। उसने कुल 1 हजार रुपये इन्वेस्ट किए। पांच साल बाद उस एनएवी की वैल्यू 30 रुपये हो गई तो उसे एक एनएवी पर 20 रुपये का फायदा हुए। यानी अब उसे कुल फायदा 2 हजार रुपये का हुआ।

वहीं डिविडेंड विकल्प में मान लीजिए आपने 10 रुपये की एनएवी पर 100 यूनिट खरीदे। कुल एक हजार रुपये का इन्वेस्टमेंट हुआ। एक साल में एनएवी बढ़कर 15 रुपये हो गया लेकिन फंड हाउस आपको हर साल 2 रुपये के हिसाब से डिविडेंड देने का फैसला कर चुका है। इसलिए आपको दो रुपये रिटर्न मिल गए लेकिन एनएवी केवल 13 रुपये का ही रह गया। जो कि एक साल के बाद 15 रुये हो सकता था।

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