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अंबानी परिवार को यह शख्स लाया था टेलिकॉम बिजनेस में, धीरूभाई भी करते थे भरोसा, अब मुकेश अंबानी के करीबी

मनोज मोदी ने कई महीने टेलिकॉम सेक्टर की स्ट़डी करने में बिताए और फिर ब्लूप्रिंट तैयार किया। इसके बाद जो कंपनी बनी, उसका नाम था रिलायंस इन्फोकॉम। इस कंपनी के जरिए ही 2002 में रिलायंस ने टेलिकॉम सेक्टर में एंट्री की थी।

mukesh ambani familyधीरूभाई अंंबानी, मनोज मोदी और मुकेश अंबानी (बाएं से दाएं)

मनोज मोदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटे़ड के बाहर बहुत कम लोग ही इस नाम के बारे में जानते हैं। लेकिन हाल ही में फेसबुक से गूगल तक को रिलायंस जियो में निवेश के लिए राजी करने में इनकी प्रमुख भूमिका मानी जाती है। खासतौर पर फेसबुक की ओर से किए 43,574 करोड़ रुपये के निवेश का मास्टरमाइंड मनोज मोदी को ही माना जाता है। मुकेश अंबानी के राइट हैंड कहे जाने वाले मनोज मोदी बेहद लोप्रोफाइल रहते हैं और अकसर चर्चाओं से दूर रहते हुए बड़ी प्लानिंग में जुटे रहते हैं। आज रिलायंस जियो के लिए प्लानिंग करने वाले मनोज मोदी ने ही एक वक्त में रिलायंस इंडस्ट्रीज को टेलिकॉम बिजनेस में लाने का काम किया था। आइए जानते हैं, कैसे मनोज मोदी आए मुकेश अंबानी के करीब….

मुकेश अंबानी की तरह ही केमिकल इंजीनियरिंग करने वाले मनोज मोदी की पहली मुलाकात रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन से मुंबई के इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी में मुलाकात हुई थी। पहले दिन से ही मनोज मोदी का मुकेश अंबानी से रिश्ता बेहतर रहा और फिर धीरे-धीरे वह उनके खास और भरोसेमंद होते गए। यहां तक कि रिलायंस ग्रुप की कई अहम योजनाओं को वह आकार देते रहे हैं। पहली बार जब अंबानी परिवार ने टेलिकॉम्युनिकेशन के बिजनेस में उतरने का फैसला लिया था तो वह मनोज मोदी ही थे, जिन्होंने पूरी प्लानिंग की थी। Rediff की एक रिपोर्ट के मुताबिक खुद रिलायंस के फाउंडर धीरूभाई अंबानी और मुकेश अंबानी ने इसके लिए मनोज मोदी को चुना था।

मनोज मोदी ने कई महीने टेलिकॉम सेक्टर की स्ट़डी करने में बिताए और फिर ब्लूप्रिंट तैयार किया। इसके बाद जो कंपनी बनी, उसका नाम था रिलायंस इन्फोकॉम। इस कंपनी के जरिए ही 2002 में रिलायंस ने टेलिकॉम सेक्टर में एंट्री की थी। हालांकि मुकेश और अनिल अंबानी में बंटवारे के बाद यह कंपनी अनिल अंबानी के पास चली गई थी, जिसे वह नहीं चला सके और कर्ज में डूबने के बाद बंद हो गई। शायद टेलिकॉम सेक्टर के उस पुराने अनुभव को ही मनोज मोदी ने एक बार फिर से इस्तेमाल किया और रिलायंस जियो की सफलता की कहानी गढ़ी।

मनोज मोदी अंबानी परिवार के कितने करीबी रहे हैं, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एक बार वह विदेश से फाइनेंस में मास्टर्स की डिग्री लेना चाहते थे। इस पर धीरूभाई अंबानी ने कहा कि यह समय की बर्बादी करना होगा। इसके बाद उन्होंने अपना इरादा ही छोड़ दिया। पिता से लेकर बेटे तक के भरोसेमंद रहे मनोज मोदी की आकाश अंबानी के साथ भी अच्छी ट्यूनिंग है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के करीबी सूत्रों के मुताबिक फेसबुक को रिलायंस जियो से जोड़ने में मनोज मोदी और आकाश की अहम भूमिका थी।

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