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मुकेश अंबानी ने 3 साल में ताबड़तोड़ 20 से ज्यादा कंपनियां खरीदी, 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए

मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी रिलायंस जियो, रिलायंस रिटेल की मजबूती के लिए कई कंपनियों की खरीदारी की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कई कंपनियों में निवेश भी किया है।

ब्रिटेन में हॉस्पिटैलिटी का हब स्टोक पार्क को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने करीब 592 करोड़ में खरीदा था

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल समेत अपनी सभी सब्सिडियरी की सफलता के लिए हरसंभव कदम उठा रहे हैं। मुकेश अंबानी ने बीते 3 सालों में टेलीकॉम एंड इंटरनेट, रिटेल, मीडिया एंड एजुकेशन, डिजिटल और केमिकल एंड एनर्जी सेक्टर की करीब 20 कंपनियां खरीदी हैं। इनमें कई स्टार्टअप्स भी शामिल हैं। इन कंपनियों को खरीदने के लिए मुकेश अंबानी ने 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं। आज हम कुछ कंपनियों के बारे में बता रहे हैं जिनको रिलायंस इंडस्ट्रीज ने खरीदा है।

फाइंड: इस स्टार्टअप की स्थापना फारुख एडम, हर्ष शाह और श्रीरमन एमजी ने 2012 में की थी। यह स्टार्टअप अप्रैल, फुटवियर, ज्वेलरी और प्रमुख ब्रांड की असेसरीज से जुड़े उत्पादों की बिक्री से जुड़ा है। यह ऑफलाइन-टू-ऑनलाइन मॉडल पर काम करता है। रिलायंस ने फाइंड को मैनेज करने वाली कंपनी शॉपसेंस रिटेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को 295.25 करोड़ रुपए का निवेश किया है। साथ ही रिलायंस ने दिसंबर 2021 तक 100 करोड़ रुपए का और निवेश करने की बात कही है। इस पूरे निवेश के बाद फाइंड में रिलायंस की कुल 87.6% हिस्सेदारी हो जाएगी।

एमबाइब: यह एक एडटेक स्टार्टअप है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अप्रैल 2018 में इस स्टार्टअप 180 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। इस निवेश से रिलायंस को एमबाइब की 72.79% हिस्सेदारी मिली थी। अप्रैल 2020 में रिलायंस ने इस स्टार्टअप में 500 करोड़ रुपए की फंडिंग की थी।

ग्रैब: रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग्स लिमिटेड ने फरवरी 2019 में ग्रैब को 14.9 मिलियन डॉलर का निवेश कर खरीदा था। मार्च 2021 में 5.63 मिलियन डॉलर की राशि का भुगतान करने पर यह खरीदारी पूरी हुई थी। ग्रैब बिजनेस-टू-बिजनेस और बिजनेस-टू-कंज्यूमर सेगमेंट में लॉजिस्टिक्स सेवाएं देती है। इससे रिलायंस को अमेजन इंडिया और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स मॉडल अपनाने में मदद मिलेगी।

हैप्टिक: 3 अप्रैल 2019 को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आर्टिफियल इंटेलीजेंसी फर्म हैप्टिक की 87% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की थी। इसके लिए रिलायंस ने 700 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इस सौदे से रिलायंस को गूगल असिस्टेंट और अमेजन एलेक्सा से मुकाबले करने में मदद मिलेगी।

रिवायर: यह एक वॉइस सूट स्टार्टअप है जो 12 भारतीय भाषाओं में चैटबॉट और इंटरेक्टिव वॉइस रेस्पॉन्स (IVR) से जुड़ी सेवाएं देता है। रिलायंस ने अप्रैल 2019 में रिवायर में 190 करोड़ रुपए और मार्च 2021 में 77 करोड़ रुपए निवेश किए थे। इस निवेश से रिलायंस की रिवायर में 83.3% हिस्सेदारी हो गई है।

सावन: रिलायंस ने मार्च 2018 में अपनी डिजिटल म्यूजिक सर्विस जियो म्यूजिक की ओटीटी प्लेटफॉर्म सावन में विलय की घोषणा की थी। इस विलय के बाद बनी नई एंटिटी की 75-80% हिस्सेदारी रिलायंस ने खरीद ली थी।

टैसरेक्ट: अगस्त 2019 में रिलायंस ने टैसरेक्ट की 80-85% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की थी। हालांकि, इस सौदे की राशि की जानकारी नहीं दी गई थी। टैसरेक्ट मुंबई का एक वीआर स्टार्टअप है। इसकी स्थापान क्षितिज मारवाह ने 2015 में की थी। यह स्टार्टअप एमआर, एआर और वीआर स्पेस के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराता है।

डेन नेटवर्क: रिलायंस जियो ने अक्टूबर 2018 में डेन नेटवर्क्स, हैथवे केबल एंड डाटाकॉम की बड़ी हिस्सेदारी खरीदी थी। जियो ने डेन नेटवर्क की 66% हिस्सेदारी 2,045 करोड़ रुपए में और हैथवे केबल एंड डाटाकॉम की 51.3% हिस्सेदारी 2,950 करोड़ रुपए में खरीदी थी।

हैमलेज: ब्रिटेन की सबसे बड़ी खिलौना कंपनी हैमलेज को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जुलाई 2019 में 100% हिस्सेदारी खरीदी थी। यह सौदा 67.96 मिलियन पाउंड या 620 करोड़ रुपए में हुआ था। रिलायंस का कहना था कि इस सौदे से रिलायंस ब्रांड्स को ग्लोबल स्तर पर टॉय रिटेल इंडस्ट्री में बड़ा स्थान हासिल करने में मदद मिलेगी।

नेटमेड्स: अगस्त 2020 में रिलायंस ने ऑनलाइन फार्मेसी नेटमेड्स की बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की थी। यह सौदा 83 मिलियन डॉलर करीब 620 करोड़ रुपए में हुआ था। इस सौदे से रिलायंस रिटेल को ऑनलाइन फार्मेसी सेगमेंट में मजबूती मिलेगी।

एस्ट्रिया एयरोस्पेस: दिसंबर 2019 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी रिलायंस स्ट्रैटेजिक बिजनेस वेंचर्स लिमिटेड ने एस्ट्रिया एयरोस्पेस की 51.78% हिस्सेदारी खरीदी थी। एस्ट्रिया एयरोस्पेस एक रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कंपनी है। यह सौदा 23.12 करोड़ रुपए में हुआ था।

नाउफ्लोट्स टेक्नोलॉजी: दिसंबर 2019 में नाउफ्लेट्स टेक्नोलॉजी की 85% हिस्सेदारी खरीदी। यह सौदा 141.63 करोड़ रुपए में हुआ। नाउफ्लोट्स स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज को डिजिटल प्रेजेंस से जुड़े सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है।

रेडिसिस: 5जी के क्षेत्र में रिलायंस जियो की मजबूती के लिए रिडिसिस को जून 2020 में खरीदा। यह सौदा 511 करोड़ रुपए में हुआ।

बालाजी टेलीफिल्मस एंड इरोज इंटरनेशनल: रिलायंस ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में पैठ बनाने के लिए बालाजी टेलीफिल्मस की 25% हिस्सेगारी 413.28 करोड़ रुपए में खरीदी है। इसके अलावा इरोज इंटरनेशनल में 48.75 मिलियन डॉलर में 5% की हिस्सेदारी खरीदी गई है।

जस्टडायल: हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 3,497 करोड़ रुपए में बिजनेस डायरेक्टरी सेवाएं देने वाली कंपनी जस्टडायल की 41% हिस्सेदारी खरीदी है। इससे सौदे से रिलायंस को देश के करीब 3 करोड़ छोटे कारोबारियों के डाटा तक पहुंच मिल जाएगी।

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