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स्पेक्ट्रम खरीदने की रेस में आगे निकली मुकेश अंबानी की Reliance Jio, Airtel को पछाड़ा

नीलामी के दौरान 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज और 2300 मेगाहर्ट्ज बैंड में बोलियां आईं। लेकिन 700 और 2500 मेगाहर्ट्ज में कोई बोली नहीं मिली।

mukesh ambani, sunil mittal, reliance jioविभिन्न दूरसंचार कंपनियों ने 77,814.80 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा (Photo-indian express )

भारत में पांच साल में पहली स्पेक्ट्रम नीलामी मंगलवार को संपन्न हो गई। इस दौरान विभिन्न दूरसंचार कंपनियों ने 77,814.80 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा।

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने सबसे अधिक स्पेक्ट्रम खरीदा। सोमवार को 2,250 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू हुई थी। इसका आरक्षित मूल्य करीब चार लाख करोड़ रुपये था। दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश ने कहा कि दो दिन की नीलामी में 77,814.80 करोड़ रुपये का 855.60 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदा गया। रिलायंस जियो ने 57,122.65 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा। वहीं वोडाफोन आइडिया लि. ने 1,993.40 करोड़ रुपये की रेडियो तरंगों के लिए बोली लगाई।

सुनील मित्तल की कंपनी भारती एयरटेल ने मंगलवार को कहा कि स्पेक्ट्रम की ताजा नीलामी में उसने 18,699 करोड़ रुपये की रेडियोतरंगों का अधिग्रहण किया है। नीलामी के दौरान 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज और 2300 मेगाहर्ट्ज बैंड में बोलियां आईं। लेकिन 700 और 2500 मेगाहर्ट्ज में कोई बोली नहीं मिली।

नीलामी के लिए पेश कुल स्पेक्ट्रम में से 700 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम का हिस्सा एक-तिहाई था। 2016 की नीलामी में यह स्पेक्ट्रम बिल्कुल नहीं बिक पाया था। विश्लेषकों ने कहा कि गीगाहर्ट्ज बैंड से नीचे अन्य स्पेक्ट्रम कम कीमत पर उपलब्ध है। ऐसे में ज्यादातर ऑपरेटर नए स्पेक्ट्रम में निवेश नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि ऐसे में उन्हें उपकरणों पर अतिरिक्त खर्च करना होगा।

इस बीच, निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लि. (वीआईएल) ने कहा है कि उसने नीलामी में पांच सर्किलों में जो स्पेक्ट्रम खरीदा है उससे 4जी कवरेज और क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंपनी ने कहा कि इससे वह अपने ग्राहकों को ‘शानदार डिजिटल अनुभव’ उपलब्ध करा पाएगी।

मंगलवार को स्पेक्ट्रम नीलामी संपन्न होने के बाद वीआईएल ने बयान में कहा कि उसने इस अवसर का लाभ विलय के बाद स्पेक्ट्रम को महत्तम करने के लिए किया है।

इससे कुछ सर्किलों में उसकी दक्षता बढ़ेगी। ऐसे समय जबकि दूरसंचार उद्योग 5जी के लिए तैयारी कर रहा है, वीआईएल ने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी ऑपरेटरों को उचित मूल्य पर वैश्विक स्तर पर सुसंगत बैंड में स्पेक्ट्रम उपलब्ध होगा।

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