मुकेश अंबानी का एक फैसला, मित्तल की कंपनी को हो गया इतना नुकसान

लगातार दो महीनों से मासिक ग्राहकों को जोड़ने के मामले में एयरटेल ने रिलायंस जियो को पछाड़ दिया है। करीब चार साल में पहली बार हुआ है जब एयरटेल इस मामले में जियो से आगे निकली है।

mukesh ambani, jio, airtelसुनील मित्तल और मुकेश अंबानी (Photo-indian express )

मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो के एक फैसले की वजह से सुनील मित्तल की कंपनी एयरटेल के निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। दरअसल, रिलायंस जियो ने बीते गुरुवार को कहा कि भारत में उसके नेटवर्क से अन्य नेटवर्कों पर सभी कॉल एक जनवरी 2021 से मुफ्त हैं।

इस ऐलान के बाद रिलायंस जियो की प्रतिद्वंदी कंपनी एयरटेल के शेयर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार के कारोबार में एयरटेल का शेयर भाव 1.29 फीसदी लुढ़क कर 509.30 रुपये के भाव पर बंद हुआ। एक दिन पहले यानी बुधवार को शेयर का भाव 516 रुपये के स्तर पर था। मतलब, प्रति शेयर के हिसाब से 7 रुपये की गिरावट आई है। वहीं, मार्केट कैप भी 2,77,851 करोड़ रुपये के स्तर पर रह गया। इसका सबसे ज्यादा नुकसान इंट्रा ट्रेड करने वाले निवेशकों को हुआ है।

रिलायंस जियो का क्या है ऐलान: कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘इंटरनेट के इतर घरेलू वायस कॉल शुल्क को शून्य पर वापस करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए जैसे ही आईयूसी शुल्क खत्म होंगे, जियो एक बार फिर सभी ऑफ-नेट घरेलू वॉयस कॉल को मुफ्त कर देगी, जिसकी शुरुआत एक जनवरी 2021 से हो रही है। ऑन-नेट घरेलू वॉयस कॉल जियो नेटवर्क पर हमेशा मुफ्त रही हैं।’’

सरल शब्दों में ऑफ-नेट कॉल उन कॉल को कहते हैं जो दूसरे नेटवर्कों पर की जाती हैं। पिछले एक साल से अधिक समय से, रिलायंस जियो ग्राहकों से दूसरे फोन नेटवर्क पर वॉयस कॉल करने पर प्रति मिनट छह पैसे का शुल्क ले रहा था, लेकिन साथ ही इसके बदले ग्राहकों को समान मूल्य का मुफ्त डेटा दिया जा रहा था।

एयरटेल ने ग्राहकों के मामले में पछाड़ा: आपको बता दें कि लगातार दो महीनों से मासिक ग्राहकों को जोड़ने के मामले में एयरटेल ने रिलायंस जियो को पछाड़ दिया है। यह करीब चार साल में पहली बार हुआ है जब एयरटेल इस मामले में जियो से आगे निकली है। रिलायंस जियो ने साल 2016 के सितंबर महीने में टेलीकॉम इंडस्ट्री में एंट्री ली थी।

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