इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में उतरी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज, इस कंपनी को देगी यह सेवा

Mukesh Ambani: रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड और फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के बीच एक समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत रिलायंस बीपी मोबिलिटी बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना करेगी। स्विगी के डिलिवरी पार्टनर इन स्टेशनों से बैटरी स्वैप कर सकेंगे।

Mukesh Ambani
बिजनेसमैन मुकेश अंबानी (Photo- Indian Express)

देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज नए-नए सेक्टर्स में कदम रख रही है। अब रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कदम रखा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से जारी बयान के मुताबिक, रिलायंस बीपी मोबिलिटी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कदम रखते हुए फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के साथ एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत रिलायंस बीपी मोबिलिटी बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना करेगी। इन स्टेशनों से स्विगी के डिलिवरी नेटवर्क में शामिल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बैटरी स्वैप (बैटरी बदलना) कर सकेंगे। इससे स्विगी के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बैटरी चार्जिंग से मुक्ति मिलेगी।

ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन लाने में मदद मिलेगी: बयान में कहा गया है कि इस साझेदारी से स्विगी को अपने डिलिवरी नेटवर्क में ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन जोड़ने में मदद मिलेगी। इस साझेदारी का लक्ष्य बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। बयान के मुताबिक, रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड जियो-बीपी ब्रांड नाम से बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना करेगी। इन स्टेशनों के जरिए स्विगी के डिलिवरी पार्टनर्स को बैटरी स्वैपिंग के अलावा अन्य तकनीकी मदद भी दी जाएगी।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी: रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड के सीईओ हर्ष सी मेहता का कहना है कि सरकार के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कंपनी ने ई-मोबिलिटी सेगमेंट में कदम रखा है। उन्होंने कहा कि कंपनी इलेक्ट्रिक इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में मदद मिल सके। बीपी के वैश्विक अनुभव का लाभ उठाते हुए कंपनी पूरे देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग हब और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना कर रही है। यह स्टेशन पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड होंगे और इनसे सभी हितधारकों को लाभ मिलेगा।

ग्रीन एनर्जी सेगमेंट में भी कदम रखेगी रिलायंस: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जून में आयोजित एनुअल जनरल मीटिंग में ग्रीन एनर्जी सेगमेंट में उतरने की घोषणा की थी। इसके तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज गुजरात के जामनगर में 4 गीगा फैक्ट्री की स्थापना करेगी। इनकी स्थापना पर रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले तीन साल में 75 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इन फैक्ट्री में फोटोवोल्टिक मॉड्यूल, बैटरी, फ्यूल सेल और हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर का उत्पादन किया जाएगा।

पांच साल में 2.6 लाख करोड़ रुपए हो जाएगी रिलायंस के ग्रीन एनर्जी कारोबार की वैल्यू: रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रीन एनर्जी कारोबार को लेकर ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। अमेरिका की रिसर्च एंड ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टेन रिसर्च का कहना है कि रिलायंस के ग्रीन एनर्जी कारोबार की वैल्यू अगले पांच साल में 36 अरब डॉलर करीब 2.6 लाख करोड़ रुपए हो सकती है। अमेरिकी फर्म का कहना है कि रिलायंस के कुल एबिटा में ग्रीन एनर्जी कारोबार की करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी होगी।

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