करीब 2 साल से अटकी है मुकेश अंबानी के रिलायंस की डील, अब आई ये खबर

साल 2019 में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तेल व रसायन कारोबार (ओ2सी) में अपनी 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया था। यह सौदा मार्च 2020 तक पूरा होना था।

mukesh ambani, reliance, saudiयह सौदा मार्च 2020 तक पूरा होना था। (Photo-Indian Express )

दुनिया की सबसे बड़ी तेल निर्यातक कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच की डील पर एक बार फिर से बातचीत शुरू हो गई है।

दरअसल, साल 2019 में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तेल व रसायन कारोबार (ओ2सी) में अपनी 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया था। यह सौदा मार्च 2020 तक पूरा होना था। हालांकि, कंपनी की ओर से आधिकारिक तौर पर देरी की वजह नहीं बताई गई लेकिन जानकारों के मुताबिक कोरोना की वजह से इस डील में देरी हुई। आपको बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज जिस कारोबार को बेचेगी उसमें गुजरात के जामनगर में दो तेल रिफाइनरी और पेट्रोरसायन संपत्ति शामिल हैं।

कहां फंसा है मामला: अखबार फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक हाल के सप्ताह में रिलायंस और सऊदी अरामको के बीच बातचीत शुरू हुई है। इसमें कहा गया है कि अरामको शुरू में हिस्सेदारी के लिए शेयर और बाद में कई साल में चरणबद्ध तरीके से नकद भुगतान पर विचार कर रही है। (ये पढ़ें-इस कंपनी को हो गया 500 करोड़ का बड़ा नुकसान, मुकेश अंबानी ने लगाया है दांव)

शेयर बनाम कैश का अनुपात अभी चर्चा का विषय बना हुआ है और शर्तों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। हालांकि, इस बारे में रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस खबर के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में एक बार फिर से तेजी देखने को मिल रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर भाव अब 2 हजार रुपये के भाव के स्तर को पार कर लिया है। वहीं, मार्केट कैपिटल 13 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है।

अरामको के मुनाफे में गिरावट: बीते दिनों सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको ने नतीजे भी जारी किए थे। कंपनी ने बताया था कि साल 2019 में जितनी कमाई हुई थी, उसकी तुलना में 2020 में 45 फीसदी का नुकसान हुआ है। इसकी वजह दुनिया भर में लगाए गए कोरोना लॉकडाउन के कारण तेल की मांग में आई कमी है।

सऊदी अरामको के मुताबिक कंपनी के शेयर धारकों को फिर भी डिविडेंड (लाभांश) दिया जाएगा और ये रकम 75 अरब डॉलर के बराबर होगी। आपको बता दें कि अरामको की सबसे बड़ी शेयर धारक सऊदी अरब की सरकार है। 2019 में कंपनी ने 88.2 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया था। इससे पिछले साल यानी 2018 में कंपनी का मुनाफा 111.1 अरब डॉलर रहा था। (ये पढ़ें-मुकेश अंबानी से ज्यादा है इन दो भाइयों की सैलरी, रिलायंस में मिली है बड़ी जिम्मेदारी)

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