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डाटा के बाद फोन मार्केट में कब्जा जमाएगा जियो? दिसंबर तक 10 करोड़ सस्ते स्मार्टफोन उतारने की तैयारी में मुकेश अंबानी

कंपनी भारत में फोन मैन्युफैक्चर करने के लिए कुछ बड़े वेंडर्स से बातचीत भी कर रही है। जानकारों के मुताबिक सस्ते स्मार्टफोन्स मार्केट में बड़ा स्कोप भी है। इसकी एक वजह यह है कि सरकार चीनी कंपनियों का विकल्प तलाशने की कोशिश में है।

Author Edited By यतेंद्र पूनिया नई दिल्ली | Updated: September 9, 2020 10:20 AM
mukesh ambani

सस्ते 4G डाटा से टेलिकॉम इंडस्ट्री में कब्जा जमाने के बाद रिलायंस जियो अब स्मार्टफोन मार्केट में अपनी पैठ बनाने की तैयारी कर रहा है। रिलायंस जियो ने दिसंबर तक 10 करोड़ सस्ते स्मार्टफोन्स को मार्केट में लाने की तैयारी की है। ये स्मार्टफोन्स गूगल एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर तैयार होंगे। खास बात यह है कि जियो के स्मार्टफोन के साथ कंपनी डाटा पैक भी देगी। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस जियो के ये स्मार्टफोन उसकी 2जी मुक्त भारत की रणनीति का हिस्सा होंगे। कंपनी भारत में फोन मैन्युफैक्चर करने के लिए कुछ बड़े वेंडर्स से बातचीत भी कर रही है। जानकारों के मुताबिक सस्ते स्मार्टफोन्स मार्केट में बड़ा स्कोप भी है। इसकी एक वजह यह है कि सरकार चीनी कंपनियों का विकल्प तलाशने की कोशिश में है और यदि रिलायंस के स्मार्टफोन्स की क्वॉलिटी बेहतर रहती है तो चीनी स्मार्टफोन्स का विकल्प बन सकेंगे।

इससे पहले जुलाई में रिलायंस की एजीएम में मुकेश अंबानी ने जियो फोन बनाने के लिए गूगल के साथ पार्टनरशिप की घोषणा की थी। जानकारों की माने तो गूगल के साथ 4.5 बिलियन डॉलर में हुई यह डील जियो को भारत की स्मार्टफोन मार्केट में पैठ बनाने में काफी मदद करेगी। मुकेश अंबानी ने एजीएम में यह भी कहा था कि गूगल एक एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाएगा जिससे रिलायंस सस्ते दामों पर 4G और 5G स्मार्टफोन डिजाइन करेगा। उम्मीद है कि गूगल के साथ पार्टनरशिप में बन रहा रिलायंस जियो का यह किफायती स्मार्टफोन चीनी कंपनियों वीवो, ओप्पो, शाओमी, रियलमी को कड़ी टक्कर देगा। भारत के 2 बिलियन डॉलर के स्मार्टफोन मार्केट पर फिलहाल चीनी कंपनियों का कब्जा है।

इससे पहले 2017 में कंपनी ने जियो फोन लांच किया था। रिलायंस का जियोफोन बेहद सफल रहा था। फोन में कंपनी द्वारा सस्ते दामों पर 4G डाटा प्लान और फ्री वॉइस कॉलिंग की सुविधा प्रदान की गई थी। जियोफोन kaiOS सॉफ्टवेयर से सपोर्टेड था। इसके बाद जियोफोन में वाट्सऐप और गूगल की सुविधा भी मिलने लगी थी। बता दें कि रिलायंस जियो को लेकर मुकेश अंबानी बीते कुछ महीनों से बेहद आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। कंपनी फेसबुक और गूगल समेत कई दिग्गज टेक प्लेयर्स से कुछ ही महीनों में 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश हासिल किया है।

टेलिकॉम और डिजिटल सेक्टर के अलावा मुकेश अंबानी अब रिलायंस रिटेल पर फोकस कर रहे हैं। सिल्वर लेक ने 7,500 करोड़ में रिलायंस रिटेल के 1.75% शेयर खरीदे हैं। इसके अलावा उनकी फेसबुक समेत कई कंपनियों से निवेश को लेकर बातचीत चल रही है। हाल ही में रिलायंस रिटेल ने किशोर बियानी के रिटेल बिजनेस का अधिग्रगहण किया है।

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