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ग्रीन एनर्जी सेक्टर में जियो जैसे बड़े प्लान पर काम कर रहे हैं मुकेश अंबानी, बोले – अगले 12 महीनों में शुरू करेंगे ऑपरेशन

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस ने ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए पूरे भारत में ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम को सक्षम करने का बीड़ा उठाया है।

ग्रीन एनर्जी सेक्टर में जियो जैसे बड़े प्लान पर काम कर रहे हैं मुकेश अंबानी, बोले – अगले 12 महीनों में शुरू करेंगे ऑपरेशन
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (फाइल फोटो)

रिलायंस इंडस्ट्रीज चेयरमैन मुकेश अंबानी ग्रीन एनर्जी पर काम कर रहे हैं और अगले 12 महीने में कंपनी ऑपरेशन भी शुरू कर देगी। रिलायंस की न केवल ग्रीन एनर्जी पर बड़ा कदम उठाने की उम्मीद है, बल्कि इस क्षेत्र बादशाह बनने की भी उम्मीद जताई है। कंपनी इसके लिए जियो जैसे प्लान पर काम कर रही है। मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि आने वाले वर्षों में भारत के पास दुनिया की सबसे सस्ती ग्रीन एनर्जी उपलब्ध होगी।

जियो की सफलता का उदाहरण देते हुए मुकेश अंबानी ने कहा, “जिस तरह आज भारत के पास दुनिया का सबसे किफायती वायरलेस ब्रॉडबैंड है, उसी तरह इस दशक में हमारे पास दुनिया की सबसे सस्ती ग्रीन एनर्जी होगी। फिर इन समाधानों को अन्य देशों में निर्यात किया जाएगा, जिससे उन्हें कार्बन उत्सर्जन को रोकने में मदद मिलेगी। अधिक सामर्थ्य और प्रतिस्पर्धी लागत संरचनाएं ग्रीन एनर्जी समाधानों को बड़े पैमाने पर अपनाना सुनिश्चित करेंगी। इसके साथ ही भारत की ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारे देश को हमारी ऊर्जा जरूरतों में ‘आत्मनिर्भर’ बनने में मदद करेंगी।”

मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज जीवाश्म ईंधन के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करने के लिए ग्रीन इकोसिस्टम के अर्थशास्त्र में सुधार के लिए अपनी “विश्व स्तरीय निष्पादन क्षमता और मजबूत ऋण-मुक्त बैलेंस शीट” का लाभ उठाएगी। उन्होंने कहा कि कोई ग्रीन एनर्जी मूल्य श्रृंखला के केवल एक खंड में काम नहीं कर सकता है और आशा करता है कि लागत प्रभावी इकोसिस्टम अपने आप आ जाएगा।

मुकेश अंबानी ने आगे कहा कि रिलायंस ने सौर ऊर्जा उत्पादन से लेकर इसके वितरण और खपत तक ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए पूरे भारत में ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम को सक्षम करने का बीड़ा उठाया है। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने लगातार दूसरे साल अपनी सैलरी नहीं ली है।

रिलायंस ने हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण के लिए भारत H2 एलायंस की स्थापना के लिए यूएस-आधारित चार्ट इंडस्ट्रीज के साथ करार भी किया है साथ ही डेनमार्क के स्टीसडल A/S के साथ अपनी अगली-जेन इलेक्ट्रोलाइज़र तकनीक के लिए एक समझौता भी किया है। वार्षिक रिपोर्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा विकल्प “स्वस्थ, खुशहाल और टिकाऊ ग्रह” बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।

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