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DHFL की किस्मत बदलने की तैयारी में थे मुकेश अंबानी के समधी, अब मिली चुनौती

दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर 200 करोड़ रुपये का दावा करने वाली 63 मून्स टेक्नोलॉजीज ने एनसीएलटी में चुनौती देने की तैयारी कर ली है।

मुकेश अंबानी के समधी हैं पीरामल

कर्ज में डूबी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड यानी DHFL के अधिग्रहण का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस कंपनी के अधिग्रहण के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में चुनौती दी जा सकती है।

क्या है मामला: दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर 200 करोड़ रुपये का दावा करने वाली 63 मून्स टेक्नोलॉजीज ने एनसीएलटी में चुनौती देने की तैयारी कर ली है। कंपनी को दिवालिया कंपनी पर करीब 85,000 करोड़ रुपए के कुल दावे के मुकाबले उसे पिरामल ग्रुप को केवल 37,500 करोड़ रुपए में अधिग्रहीत करने का अधिकार दिए जाने पर आपत्ति है।

आपको बता दें कि एच पी चतुर्वेदी और रविकुमार दुरईसामी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने रुख पलटते हुए पिरामल ग्रुप को केवल 37,500 करोड़ में डीएचएफएल का अधिग्रहण करने की मंजूरी दे दी। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी दीवान हाउसिंग पर उधार देने वालों के करीब 85,000 करोड़ रुपये के दावे हैं।

इससे पहले एनसीएलएटी ने कर्जदाताओं की समिति से वधावन परिवार की पेशकश पर विचार करने को कहा था। डीएचएफएल के वधावन परिवार की ओर से कर्जदाताओं को करीब 93,000 करोड़ रुपये लौटाने की पेशकश पर विचार करने को कहा था। एनसीएलटी ने पीरामल समूह की आपत्ति पर वधावन परिवार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। (ये पढ़ें-मुकेश अंबानी से ज्यादा है इन दो भाइयों की सैलरी, रिलायंस में मिली है बड़ी जिम्मेदारी)

पीरामल समूह के प्रस्ताव के पक्ष कर्जदाताओं के निर्णय को मंजूरी दे दी। 63 मून्स ने पिरामल की प्रस्ताव योजना को कानून के और डीएचएफएल के सभी कर्जदाताओं के हित के खिलाफ बताया है। इसके साथ ही कहा कि वह पीरामल से अपने 200 करोड़ रुपये के दावे और दूसरे एनसीडी धारकों के लिए शेष 45,000 करोड़ रुपये की मांग के लिए एनसीएलटी का रुख करेगी।

मुकेश अंबानी से पीरामल ग्रुप का रिश्ता: साल 2018 में मुकेश अंबानी की बेटी ईशा की शादी अजय पीरामल के बेटे आनंद से हुई है। पीरामल एंटरप्राइजेज की बोर्ड में आनंद पीरामल भी शामिल हैं। ईशा के ससुर अजय पीरामल की कंपनी फार्मा, हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़ी है। पीरामल ग्रुप का 30 देशों में ब्रांच है। (ये पढ़ें-जब जेपी ग्रुप से अचानक टूट गई अनिल अंबानी के कंपनी की डील, बताई थी ये वजह)

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