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रिलायंस जियो में विस्टा ने किया 11,367 करोड़ का निवेश, एशियन पेंट्स से 7,417 करोड़ निकालेंगे मुकेश अंबानी, जानें- क्यों चौतरफा रकम बटोरने में जुटे

इन तीनों डील से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटे़ड की जियो में 86.5 फीसदी की हिस्सेदारी थी, जो अब 73 फीसदी रह गई है। इस बीच रिलायंस ने खुद को कर्ज मुक्त करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए एशियन पेंट्स से अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है।

mukesh ambaniरिलायंस जियो में विस्टा ने किया निवेश, एशियन पेंट्स से हिस्सेदारी बेचेंगे मुकेश अंबानी

देश के सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो में अब अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म विस्टा इक्विटी पार्टनर्स ने 11,367 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है। फेसबुक से 43,574 करोड़ रुपये हासिल करने और फिर सिल्वर लेक से निवेश हासिल करने के बाद मुकेश अंबानी ने तीसरी बार अपनी झोली भरी है। इस डील के लिए रिलायंस जियो के प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी वैल्यू 4.91 लाख करोड़ रुपये और इंटरप्राइज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ रुपये मानी गई थी। रिलायंस जियो ने महज तीन सप्ताह के भीतर ही 13.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 60,596 करोड़ रुपये की रकम हासिल की है।

एशियन पेंट्स से हिस्सेदारी बेचने का फैसला: इन तीनों डील से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटे़ड की जियो में 86.5 फीसदी की हिस्सेदारी थी, जो अब 73 फीसदी रह गई है। इस बीच रिलायंस ने खुद को कर्ज मुक्त करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए एशियन पेंट्स से अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है। कंपनी ने एशियन पेंट्स में अपनी हिस्सेदारी 98.9 करोड़ डॉलर (7,417 करोड़ रुपये) में बेचने की फैसला किया है।

विस्टा ने कहा, रिलायंस से जुड़कर हम बेहद खुश: रिलायंस जियो में हिस्सेदारी खरीदने के बाद विस्टा के सीईओ और चेयरमैन रॉबर्ट एफ. स्मिथ ने बयान जारी कर कहा, ‘जियो के प्लेटफॉर्म्स का हिस्सा बनकर हम बेहद खुश हैं। इससे हम भारत में कनेक्टिविटी, आधुनिक उपभोक्ता सेवाओं, छोटे बिजनेस के सेक्टर में कदम आगे बढ़ा सकेंगे।’ इस डील में मॉर्गन स्टैनली ने रिलायंस जियो के लिए फाइनेंशल एडवाइजर के तौर पर किया था। आम लोगों के लिहाज से बात करें तो हर किसी के जेहन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर देश के सबसे अमीर कारोबारी घराने को हिस्सेदारी बेचकर रकम जुटाने की क्या जरूरत है?

जानें, क्यों चौतरफा रकम बटोरने में जुटे मुकेश अंबानी: दरअसल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सालाना मीटिंग में पिछले दिनों मुकेश अंबानी ने कंपनी को कर्ज मुक्त करने का लक्ष्य किया था। इसी रणनीति के तहत कंपनी की सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी अरामको से बातचीत चल रही थी। इस डील के जरिए कंपनी को बड़ी मदद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कच्चे तेल के दामों में बड़ी गिरावट के चलते खुद अरामको की हालत खस्ता हो गई है। ऐसे में मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो में फेसबुक को आमंत्रित कर इसकी भरपाई की है। यही नहीं इस डील के बाद कंपनी ने वॉट्सऐप के साथ मिलकर जियो मार्ट को स्थापित करने का फैसला लिया है।

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