ताज़ा खबर
 

मुकेश और अनिल अंबानी इन्हें मानते हैं अपना गुरु, धीरूभाई अंबानी के दौर से जुड़े, पीएम मोदी के भी हैं करीबी

रमेशभाई ओझा अंबानी परिवार के कितने करीबी रहे हैं, इसका पता इस बात से भी चलता है कि चोरवाड में 2011 में जब धीरूभाई अंबानी मेमोरियल का उद्घाटन समारोह था तो उस कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेशभाई ओझा ने ही की थी।

mukesh ambani anil ambani newsमुकेश अंबानी, रमेशभाई ओझा और अनिल अंबानी (फाइल फोटो)

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके छोटे भाई अनिल अंबानी के बारे में यूं तो आप बहुत सी बातें जानते होंगे, लेकिन उनके आध्यात्मिक गुरु के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। दोनों भाईयों के गुरु हैं, रमेश भाई ओझा। वह गुजरात के पोरबंदर में संदीपनी विद्यानिकेतन और आश्रम का संचालन करते हैं। अंबानी परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक रमेशभाई ओझा धीरूभाई अंबानी के समय से ही फैमिली के गुरु थे। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश और नीता अंबानी की शादी में भी रमेशभाई ओझा की अहम भूमिका थी। ‘भाईजी’ के नाम से लोकप्रिय रमेशभाई ने ही मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के विवाद निपटाने में अहम भूमिका अदा की थी।

रमेशभाई ओझा अंबानी परिवार के कितने करीबी रहे हैं, इसका पता इस बात से भी चलता है कि चोरवाड में 2011 में जब धीरूभाई अंबानी मेमोरियल का उद्घाटन समारोह था तो उस कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेशभाई ओझा ने ही की थी। यहां तक दिवंगत नेता सुषमा स्वराज ने जब गीता को राष्ट्रीय़ ग्रंथ घोषित करने की मांग की थी तो उसके पीछे रमेशभाई ओझा ही थे। कहा जाता है कि उन्होंने ही सुषमा स्वराज को यह आइडिया दिया था और ऐसा प्रस्ताव रखने को कहा था।

मोरारी बापू भी हैं अंबानी परिवार के गुरु: रमेशभाई ओझा के सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने जब स्वच्छ भारत मिशन की लॉन्चिंग की थी तो उन्हें भी इसका हिस्सा बनाया था। यही नहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने क्लीन इंडिया को लेकर रमेशभाई ओझा के प्रयासों की सराहना भी की थी। रमेशभाई ओझा के अलावा एक और और धर्मगुरु और कथावाचक मोरारी बापू भी अंबानी परिवार के करीबी रहे हैं।

अकसर तिरुपति मंदिर जाते हैं अनिल अंबानी: मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी को अकसर मंदिरों की यात्रा करते हुए भी देखा जाता है। खासतौर पर अनिल अंबानी बीते कुछ सालों में काफी आध्यात्मिक हो गए हैं। वह अकसर तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर जाते रहे हैं। इसके अलावा बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर की स्वच्छता को लेकर भी अपना योगदान दिया था।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन हुआ 15 लाख करोड़ रुपये के पार, TCS बनी देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी
2 मारुति 800 के पहले ग्राहक ने जीवन भर नहीं बदली कार, इंदिरा गांधी ने सौंपी थी चाबी, राजीव गांधी भी थे मौजूद
3 जेके सीमेंट से जिंदल स्टील तक देश के इन दिग्गज कारोबारी घरानों की कमान महिलाओं के हाथ, जानें- किसके पास क्या जिम्मेदारी
राशिफल
X