Ladli Behna Yojana 39th Installment Date: मध्य प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए गुड न्यूज है। लाड़ली बहना योजना की पात्र लाभार्थियों के खाते में जल्द ही 39वीं किस्त के पैसे आ सकते है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की राशि दी जाती है। अब तक इस योजना के तहत 38 किस्त जारी की जा चुकी है। अब 39वीं किस्त आनी है।

कब आ सकती है लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 19 अगस्त को मैहर में प्रस्तावित लाड़ली बहना प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में ऑनलाइन माध्यम से राशि का अंतरण कर सकते हैं।

ऐसे देखें लाभार्थी लिस्ट में अपना नाम

– सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाए।
– यहां पर मोबाइल नंबर और OTP का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
– आपको होम पेज पर नजर आ रहे फाइनल लिस्ट के ऑप्शन पर क्लिक करना है।
– अब यह पर अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड और ओटीपी दर्ज करके सब्मिट करना है।
– अपना जिला, लोकल बॉडी, ग्राम पंचायत या फिर वार्ड के नाम पर क्लिक करें।
– अब आपके सामने लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी लिस्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगी।

कौन हैं लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र?

लाड़ली बहना योजना का लाभ वही महिलाएं ले सकती हैं जो मध्य प्रदेश की निवासी हों। इस योजना का फायदा लेने के लिए महिला को विवाहित होनी चाहिए। इसमें विधवा, तलाकशुदा और छोड़ी गई महिलाएं भी शामिल हैं।

क्या है लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य?

सरकार लाड़ली बहना योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप अधिक स्वावलम्बी बनाना चाहती है।

लाड़ली बहना योजना के बारे में

पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था। बाद में इसे सरकार ने बढ़ाकर 1250 रुपये और फिर 1500 रुपये कर दिया गया है।

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यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने अपने कर्मचारियों के मेडिकल क्लेम के रीइंबर्समेंट को लेकर सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) से कई मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। मेडिकल क्लेम की जांच के दौरान कुछ नियमों को लेकर बार-बार दिक्कतें सामने आ रही थीं। UPSC के मुताबिक, इसकी एक वजह CGHS के मौजूदा निर्देशों में स्पष्टता की कमी थी। यहां पढ़ें पूरी खबर…