Most Valuable Companies: अप्रैल 2026 की शुरुआत भारतीय इक्विटी बाजार के लिए बेहद मजबूत रही, जहां टॉप कंपनियों के मार्केट कैप में शानदार उछाल देखने को मिला। देश की 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 8 कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,13,003.23 करोड़ रुपये बढ़ गया। इस तेजी में बैंकिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियां (एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक) ने सबसे अहम भूमिका निभाई और निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया।
टॉप 10 कंपनियों में HDFC बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ICICI बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टूब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल हैं।
दूसरी तरफ, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस के वैल्यूएशन में गिरावट देखी गई। इंफोसिस (जिसे लंबे समय से भारत की सबसे कीमती कंपनियों में से एक माना जाता था) मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के हिसाब से टॉप 10 से बाहर हो गई है।
देश की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस एक्सपोर्टर कंपनी के शेयर की कीमत में इस साल भारी गिरावट आई है, जिससे उसकी वैल्यू लगभग 2 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है।
29 अप्रैल तक इंफोसिस के शेयर 2% से ज्यादा बढ़कर लगभग 1,175 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे, जिससे कंपनी का मार्केट कैप लगभग 4.76 लाख करोड़ रुपये हो गया और यह भारत की सबसे वैल्यूएबल फर्मों में 11वें स्थान पर आ गई।
साल-दर-साल के आधार पर, स्टॉक लगभग 29% गिर गया है, जो 2025 के आखिर में 6.8 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के मार्केट कैप से नीचे है।
इंफोसिस में कमजोरी IT सेक्टर में बड़ी गिरावट को दिखाती है। TCS भी रैंकिंग में फिसल गई है, टॉप पांच से बाहर होकर 8.953 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू के साथ छठे स्थान पर आ गई है।
उतार-चढ़ाव के बावजूद, रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे कीमती कंपनी बनी हुई है, जिसका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 19.289 लाख करोड़ है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, आईसीआईसी बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टूब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का नंबर आता है।
एलआईसी ने Rs 5.138 लाख करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ टॉप 10 में फिर से एंट्री कर ली है।
2026 में मार्केट कैप के आधार पर टॉप 10 सबसे मूल्यवान भारतीय कंपनियां
| रैंक | कंपनी | बाजार पूंजीकरण (Iभारतीय रुपयों में) |
| 1 | रिलायंस इंडस्ट्रीज | 19.289 लाख करोड़ रुपये |
| 2 | एचडीएफसी बैंक | 12.335 लाख करोड़ रुपये |
| 3 | भारती एयरटेल | 11.501 लाख करोड़ रुपये |
| 4 | भारतीय स्टेट बैंक | 10.032 लाख करोड़ रुपये |
| 5 | आईसीआईसीआई बैंक | 9.141 लाख करोड़ रुपये |
| 6 | टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज | 8.953 लाख करोड़ रुपये |
| 7 | बजाज फाइनेंस | 5.781 लाख करोड़ रुपये |
| 8 | लार्सन और टुब्रो | 5.634 लाख करोड़ रुपये |
| 9 | हिंदुस्तान यूनिलीवर | 5.437 लाख करोड़ रुपये |
| 10 | भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) | 5.138 लाख करोड़ रुपये |
नोट: मार्केट कैप में समय के साथ या रोजाना उतार-चढ़ाव हो सकता है, क्योंकि यह किसी फर्म के शेयर प्राइस के साथ बदलता रहता है। यह डेटा 30 अप्रैल, 2026 तक का है।
मार्केट कैप किसे कहते है?
मार्केट कैपिटलाइजेशन, जिसे अक्सर मार्केट कैप कहा जाता है, किसी कंपनी की वैल्यू तय करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक मुख्य तरीका है। इसे किसी कंपनी के मौजूदा शेयर प्राइस को उसके कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स की संख्या से गुणा करके कैलकुलेट किया जाता है। यही वजह है कि ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनियों को आमतौर पर मार्केट में ज्यादा कीमती माना जाता है।
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