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200 कंपनियों में हुआ 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का घपला!

फारेंसिक ऑडिट में इस बात का पता चला हैं कि जेपी इन्फ्राटेक की पैरंट कंपनी जयप्रकाश असोसिएट्स ने बैकों से लोन लेने के लिए जेपी इन्फ्राटेक के पास पड़ी जमीन का कैसे इस्तेमाल किया। इसी तरह, ऐमटेक ऑटो और भूषण स्टील के मामलों में अनियमितता पायी गई है।

प्रतिकात्म चित्र।

Irregularities Found In Companies Under IBC: सरकार ऋणशोधन अक्षमता और दिवालिया संहिता (आईबीसी) ने ऐसी 200 कंपनियों का ऑडिट किया है जो 1 लाख करोड़ से ज्यादा का घपला की हैं। मिनिस्ट्री ऑफ कार्पोरेट अफेयर ने आईबीसी से इस धांधली में शामिल प्रोमोटर्स, डायरेक्टर और ऑडिटर्स पर कार्रवाई करने की बात कही है। आरबीआई ने ऐसे दर्जनभर हाई प्रोफाइल मामलों में अनियमितता पाई है जिन्हें आईबीसी के तहत रेजॉलुशन के लिए नामित किया गया था। इस गंभीर धोखाधड़ी जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस जैसी एजेंसियां अलग से जांच कर रही हैं।

माना जा रहा है कि अब कंपनी मामलों का मंत्रालय इन कंपनियों के प्रमोटरों, डायरेक्टरों और कुछ कंपनियों के ऑडिटरों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कॉर्पोरेट मिनिस्ट्री पर ही आईबीसी को लागू करने की जिम्मेदारी है। ऑडिट में संबंधित पक्षों के बीच लेन देन के साथ-साथ कुछ अन्य तरह की गड़बड़ियां भी सामने आईं हैं। जिनमें कुछ बैंक भी शामिल हैं। फॉरेंसिक ऑडिट के अंतर्गत धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ियों के डेटा और साक्ष्य जुटाने के मकसद से किसी संस्था या कंपनी के खातों और लेनदेन की जांच स्वतंत्र आकलन किया जाता है।

बता दे, फारेंसिक ऑडिट में इस बात का पता चला हैं कि जेपी इन्फ्राटेक की पैरंट कंपनी जयप्रकाश असोसिएट्स ने बैकों से लोन लेने के लिए जेपी इन्फ्राटेक के पास पड़ी जमीन का कैसे इस्तेमाल किया। इसी तरह, ऐमटेक ऑटो और भूषण स्टील के मामलों में अनियमितता पायी गई है। कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल(एनसीएलटी) द्वारा नियुक्त रेजॉलुशन प्रफेशनल्स फॉरेंसिक सभी मामलों का ऑडिट कर रहे हैं। कुछ मामलों में कर्जदाताओं ने इन्सॉल्वंसी प्रोसेस के लिए कंपनियों को एनसीएलटी में भेजे जाने से पहले उनकी फॉरेंसिक ऑडिट की थी। दिसंबर 2016 में कॉर्पोरेट इन्सॉल्वंसी रेजॉलुशन का प्रावधान लागू होने के बाद से ही दिसंबर 2018 तक 1,484 मामले आईबीसी के तहत कार्रवाई के लिए शामिल किए जा चुके हैं। वहीं इनमें से करीब 900 मामलों को निपटाना अभी बाकी है।

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