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विधानसभा चुनाव के नतीजों से सुधार को मिलेगी रफ्तार : मूडीज

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने बुधवार को कहा कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार के सुधार के कार्यक्रमों को बढ़ावा देंगे।

Author March 15, 2017 6:12 PM
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज (रॉयटर्स फाइल फोटो)

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने बुधवार को कहा कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार के सुधार के कार्यक्रमों को बढ़ावा देंगे। मूडीज ने एक बयान में कहा कि साल 2017 के विधानसभा चुनाव के नतीजे भारत सरकार के नीतिगत एजेंडे को व्यापक आधार पर मिले समर्थन को दिखाते हैं तथा इससे आगे भी सुधारों के कार्यान्वयन में आसानी होगी। इससे क्रेडिट पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

मूडीज ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों में बाजी मारी है। नतीजतन, पार्टी भारतीय संसद के ऊपरी सदन, राज्यसभा में अपनी सीटों की हिस्सेदारी बढ़ाएगी। मूडी के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ क्रेडिट अधिकारी विलियम फोस्टर ने कहा, “सत्तारूढ़ पार्टी को चुनावों से मिले लाभ का फायदा तुरंत नहीं मिलेगा क्योंकि ऊपरी सदन में बदलाव अगले साल ही आ पाएगा, जब कुछ सदस्य सेवानिवृत्त होंगे।” फोस्टर ने कहा, “फिर भी, राज्य स्तर पर चुनावी जीत से संसद के ऊपरी सदन में सरकारी नीति के लिए समर्थन का आधार बनेगा। इससे अतिरिक्त सुधार को लागू करने में मदद मिलेगी।”

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मूडीज ने कहा कि नोटबंदी के कारण 2016 के आखिरी महीनों में अर्थव्यवस्था पर पड़े नकारात्मक प्रभाव के बावजूद चुनावों में भाजपा को फायदा मिला। मूडीज ने यह भी कहा है कि नए भाजपा शासित राज्यों के अस्तित्व में आने के बाद केंद्र-राज्य संबंध और बेहतर होंगे। इससे राज्यों में भी सुधार को गति मिलेगी। मिसाल के लिए गुजरात और राजस्थान हैं, जहां पहले ही भूमि कानूनों और श्रम कानूनों में संशोधन किया जा चुका है।

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने बजट 2017-18 में राजकोषीय मजबूती की राह पर कायम रहने के प्रयास की सराहना की थी। हालांकि, मूडीज ने इसके साथ ही राजस्व संग्रहण लक्ष्य में ‘अड़चनों’ पर चिंता जताई थी। रेटिंग एजेंसी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अगले वित्त वर्ष में कम यानी 10,000 करोड़ रुपए की पूंजी डालने के फैसले पर चिंता जताते हुए इसे साख की दृष्टि से नकारात्मक बताया था। सरकार ने 2017-18 में राजकोषीय घाटा कम यानी सकल घरेलू उत्पाद के 3.2 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य तय किया था। 2018-19 के लिए यह लक्ष्य तीन प्रतिशत था।

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