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मोदी सरकार डिजिटल भुगतान को देगी प्रोत्साहन, ₹340 करोड़ के पुरस्कारों की घोषणा

नीति आयोग ने स्पष्ट किया है कि निजी क्रेडिट कार्डों और निजी कंपनियों के ई-वॉलेट के जरिये किये गये लेनदेन पर यह योजना लागू नहीं होगी।
Author नई दिल्ली | December 15, 2016 20:03 pm
मोबाइल भुगतान व कॉमर्स फर्म पेटीएम। (फाइल फोटो)

नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने क्रिसमस के दिन से पुरस्कार देने की घोषणा की है। यह पुरस्कार उपभोक्ताओं के साथ साथ दुकानदारों को भी दिये जायेंगे। पुरस्कार दैनिक, सप्ताहिक आधार पर दिये जायेंगे साथ ही बड़ा नकद पुरस्कार भी दिया जायेगा। कुल 340 करोड़ रुपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कान्त ने ‘लकी ग्राहक योजना’ और ‘डिजी धन व्यापार योजना’ की घोषणा करते हुए कहा कि इनके दायरे में 50 रुपए से लेकर 3,000 रुपए तक के छोटे लेनदेन आएंगे। इसका मकसद समाज के प्रत्येक वर्ग को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना है। कान्त ने इसे देशवासियों के लिए क्रिसमस का तोहफा करार दिया। उन्होंने कहा कि इसका पहला ड्रॉ 25 दिसंबर को होगा और ‘मेगा ड्रॉ’ 14 अप्रैल को बी आर अम्बेडकर की जयंती पर होगा।

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) 25 दिसंबर से अगले 100 दिन तक 15,000 विजेताओं की घोषणा करेगा। प्रत्येक विजेता को 1,000 रुपए दिए जाएंगे। ग्राहकों तथा दुकानदारों के लिए 7,000 साप्ताहिक पुरस्कार होंगे। नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि इन योजनाओं के जरिये हमारा लक्ष्य गरीब, मध्यम वर्ग तथा छोटे कारोबारी हैं। हम उन्हें डिजिटल भुगतान क्रान्ति में लाना चाहते हैं। उपभोक्ताओं के लिए मेगा पुरस्कार एक करोड़ रुपए, 50 लाख और 25 लाख रुपए का होगा। मर्चेंट या दुकानदारों के लिए यह 50 लाख, 25 लाख और 5 लाख रुपए होगा। डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने की इस योजना पर अनुमानित खर्च 340 करोड़ रुपए आएगा।

उन्होंने कहा कि 500, 1,000 रुपए के नोट बंद होने के बाद पीओएस लेनदेन में आठ नवंबर से सात दिसंबर के बीच 95 प्रतिशत का उछाल आया है। रुपे कार्ड से लेनदेन 316 प्रतिशत और ई-वॉलेट से 271 प्रतिशत बढ़ा है। दूसरी तरफ यूपीआई और यूएसएसडी के जरिये लेनदेन 1200 प्रतिशत बढ़ा है। कान्त ने कहा कि यूपीआई, यूएसएसडी, आधार के जरिये भुगतान प्रणाली और रुपे कार्ड से किया गया सभी तरह का भुगतान लकी ड्रा में शामिल किये जायेंगे। नीति आयोग ने स्पष्ट किया है कि निजी क्रेडिट कार्डों और निजी कंपनियों के ई-वॉलेट के जरिये किये गये लेनदेन पर यह योजना लागू नहीं होगी।

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