इलेक्ट्रिक कारों के आयात पर टैक्स में हो सकती है कटौती, सरकार ने एलन मस्क की टेस्ला से मांगी यह जानकारी

Electric Vehicle: अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला लंबे समय से इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की मांग कर रही है। इसको लेकर कंपनी लॉबिंग का सहारा भी ले रही है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क भी ज्यादा टैक्स को लेकर सवाल उठा चुके हैं। सरकार टैक्स में कटौती पर कोई भी फैसला लेने से पहले टेस्ला की योजना जानना चाहती है।

Tesla, Electric Car
टेस्ला की मॉडल 3 कार। सबसे पहले इसी कार को भारत में लॉन्च किए जाने की संभावना है। फोटो-कंपनी वेबसाइट

केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक कारों के आयात पर टैक्स में कटौती कर सकती है। इसको लेकर अमेरिका की दिग्गज इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला लंबे समय से लॉबिंग कर रही थी। हालांकि, टैक्स में कटौती से पहले सरकार ने टेस्ला से कारोबार से जुड़ी कई प्रकार की जानकारियां मांगी हैं। इसके बाद ही टैक्स में कटौती पर विचार किया जाएगा।

इस मामले से वाकिफ सूत्रों के हवाले से ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है सरकार ने टेस्ला से घरेलू खरीदारी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े प्लान की जानकारी मांगी है। इसके बाद ही सरकार टेस्ला की टैक्स में कटौती से जुड़ी मांगों पर विचार करेगी। सूत्र के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में टेस्ला की भारी उद्योग मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच एक बैठक हुई थी। बैठक में मंत्रालय ने टेस्ला से यह जानकारी मांगी थी। साथ ही दोनों मंत्रालयों ने टेस्ला से पूरी तरह से तैयार और आंशिक रूप से तैयार कारों के आयात को लेकर अपने विचार देने को कहा था। आंशिक रूप से तैयार कारों पर कम टैक्स लगता है। टेस्ला अमेरिका के अरबपति एलन मस्क की कंपनी है।

टेस्ला ने पीएम को लिखा था पत्र: जुलाई में टेस्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के पत्र लिखकर इलेक्ट्रिक कारों के आयात पर लगने वाले 60 से लेकर 100 फीसदी तक के टैक्स में कटौती की मांग की थी। साथ ही कंपनी ने 10 फीसदी सोशल वेलफेयर सरचार्ज की भी खत्म करने की बात कही थी। यह सोशल वेलफेयर सरचार्ज आयात की जाने वाली सभी कारों पर लगता है और इसका प्रयोग हेल्थ और एजुकेशन से जुड़े कार्यक्रमों की फंडिंग के लिए किया जाता है।

बढ़ सकती है घरेलू खरीदारी: टेस्ला ने अपने पत्र में दावा किया था कि वह अभी तक भारत से करीब 100 मिलियन डॉलर के उपकरणों की खरीदारी कर चुकी है। यदि सरकार टैक्स में छूट देती है तो यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। इसके अलावा टेस्ला ने भारत में सेल्स, सर्विस और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा प्रत्यक्ष निवेश का भी वादा किया है। सूत्रों के मुताबिक, टेस्ला ने कहा है कि एक बार भारतीय बाजार में प्रवेश करने के बाद वह मैन्युफैक्चरिंग पर निवेश की संभावनाएं भी तलाशेगी।

कई सालों से भारत में एंट्री की बात कर रहे हैं एलन मस्क: टेस्ला के सीईओ एलन मस्क कई सालों में भारत में टेस्ला की एंट्री को लेकर इच्छा जता चुके हैं। इस साल की शुरुआत में एक सोशल मीडिया यूजर को जवाब देते हुए मस्क ने कहा था कि बहुत जल्द भारत में टेस्ला की एंट्री होगी। हालांकि, मस्क भारत के ज्यादा आयात टैक्स को इलेक्ट्रिक कारों की एंट्री में बड़ी बाधा बताते रहे हैं।

भारतीय सब्सिडियरी गठन भी किया: भारत में एंट्री को लेकर टेस्ला काफी उत्साहित भी है। इसके लिए कंपनी ने टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से भारतीय सब्सिडियरी का गठन भी कर दिया है। इस सब्सिडियरी में तीन डायरेक्टर नियुक्त किए गए हैं। भारतीय सब्सिडियरी का कार्यालय बेंगलुरु में खोला गया है।

मॉडल 3 कार से शुरुआत कर सकती है टेस्ला: अलग-अलग रिपोर्ट में कहा गया है कि टेस्ला अपनी मॉडल-3 कार के जरिए भारत में एंट्री कर सकती है। भारत में इसकी शुरुआती कीमत 60 लाख रुपए हो सकती है। मॉडल 3 टेस्ला की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है। अमेरिका में इसकी शुरुआती कीमत 39,490 डॉलर है।

ये है मौजूदा टैक्स व्यवस्था: भारत अभी आयात किए जाने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल पर कीमत के हिसाब से आयात टैक्स वसूलता है। 40 हजार डॉलर से कम कीमत वाले व्हीकल पर 60 फीसदी टैक्स वसूला जाता है। इससे ज्यादा कीमत वाले सभी इलेक्ट्रिक व्हीकल से 100 फीसदी टैक्स वसूला जाता है। इसके अलावा सभी प्रकार की कारों के आयात पर 10 फीसदी सोशल वेलफेयर सरचार्ज वसूला जाता है।

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