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मोदी सरकार के लिए गेमचेंजर साबित हो सकते हैं RBI के नए गवर्नर, जानिए कैसे

उर्जित पटेल के जाने के बाद पूर्व नौकरशाह शक्तिकांत दास को मोदी सरकार द्वारा आरबीआई का गवर्नर बनाया गया। आरबीआई की ग्रोथ की रफ्तार सितंबर से तीन महीने में धीमी हुई।

हाल ही में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी एक भी राज्य में अपनी सरकार नहीं बना पाई थी।

आम चुनाव से कुछ महीने पहले कैश फ्लो की समस्याओं का सामना करना, पीएम नरेंद्र मोदी देश के नए रिजर्व बैंक प्रमुख को गेमचेंजर के रूप में देख सकते हैं। भारत का खर्च अपने राजस्व से अधिक है, भारत सरकार खस्ताहाल बैंकिंग क्षेत्र, लोन और निवेश को बढ़ावा देने और नौकरियां जनरेट करने में मदद के लिए धन की तलाश कर रही है। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक के पास कम से कम 3.6 ट्रिलियन रुपये (50 अरब डॉलर) की पूंजी है जो इसकी जरूरत से ज्यादा है, जिसका इस्तेमाल बैंकों को मजबूत करने में मदद के लिए किया जा सकता है। द इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक यूरेशिया ग्रुप के एक एक्सपर्ट साशा रिजर-कोसिट्स्की ने कहा, “सरकार के लिए अपने टारगेट को पूरा करना मुश्किल होगा, जब तक कि वह रिवेन्यू जनरेट करने का कोई नया रास्ता या संपत्ति बिक्री और रिजर्व बैंक से ट्रांस्फर नहीं ले लेती है। इसके अलावा सरकार इस वित्त वर्ष में की जाने वाली कुछ पेमेंट्स को अगले वित्त वर्ष के लिए भी टाल सकती है।”

अगले साल आम चुनाव से पहले इकोनॉमिक इंजन की फायरिंग करना मोदी के लिए ठीक नहीं रहा है, उसी के ठीक बाद भारतीय जनता पार्टी का विजय रथ रुक गया। हाल ही में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी एक भी राज्य में अपनी सरकार नहीं बना पाई थी। भारत सरकार और आरबीआई के गवर्नर के बीच आरबीआई में जमा पूंजी को लेकर विवाद हुआ था। इसके कुछ समय बाद ही पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफा दे दिया था।

उर्जित पटेल के जाने के बाद पूर्व नौकरशाह शक्तिकांत दास को मोदी सरकार ने आरबीआई का गवर्नर बनाया गया। वह सरकार के बारे में अपनी चिंताओं पर सरकार को सुनने के लिए खुले हैं। इसकी ग्रोथ की रफ्तार सितंबर से तीन महीने में धीमी हुई। भारतीय रिजर्व बैंक अगर अपनी पूंजी को भारत सरकार के साथ साझा करेगा तो सरकार को सकल घरेलू उत्पाद के 3.3 प्रतिशत के बजट घाटे के टारगेट को खोए बिना बढ़ोतरी में मदद मिलेगी।

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