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बिकने से पहले Air India में बवाल, डायरेक्टर को हटाने की मांग पर अड़े पायलट यूनियन

14 दिसंबर 2020 को बोलियां जमा करने की अंतिम तारीख थी। उस दिन सरकार ने कहा था कि एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के लिए कई बोलियां मिली हैं।

air india, air india news, bidएयर इंडिया में सरकार बेच रही पूरी हिस्सेदारी (Photo-indian express )

केंद्र सरकार एयर इंडिया में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में जुटी है। इसको लेकर कंपनियों से बोलियां भी मांग ली गई हैं। इस बीच, एयर इंडिया के पायलट यूनियंस ने एयरलाइन के कॉमर्शियल डायरेक्टर पर बड़ा आरोप लगाया है।

एयर इंडिया की पायलट यूनियन-इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) और इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (आईसीपीए) ने एयरलाइन की कॉमर्शियल डायरेक्टर मीनाक्षी मलिक को पद से हटाने की मांग की है। पायलट यूनियनों का कहना है कि मलिक ने कर्मचारियों के गठजोड़ के प्रमुख के रूप में एयरलाइन के लिए बोली लगाई है। ऐसे में ‘हितों के टकराव’ की स्थिति बनती है, इसलिए मलिक को पद से हटाया जाना चाहिए।

एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजीव बंसल को लिखे पत्र में पायलट यूनियनों ने कहा है कि यह तथ्य सामने आया है, प्रबंधन कर्मचारियों के एक गठजोड़ ने एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के लिए बोली लगाई है। पत्र में कहा गया है कि यह गठजोड़ मलिक की अगुवाई वाला है। पत्र में कहा गया है कि यह हितों के टकराव का मामला है। मलिक और संवेदनशील पद पर बैठे अन्य महत्वपूर्ण प्रबंधन कर्मचारी बोलीदाताओं को पद से हटाया जाना चाहिए।

मीनाक्षी मलिक ने क्या दिया जवाब: इन आरोपों पर मीनाक्षी मलिक का भी जवाब आया है। मलिक ने कहा कि वह पहले ही खुद को विनिवेश पर बोर्ड की बैठक से अलग कर चुकी हैं और अभी एयरलाइन के रोजाना के कामकाज को ही देख रही हैं। मलिक ने कहा, ‘‘मैंने 30 नवंबर को चेयरमैन और निदेशक मंडल को पत्र लिखकर बताया था कि मैं बोली में भाग ले रही हैं। ऐसे में जब भी विनिवेश से संबंधित बोर्ड की बैठक होगी, मैं उससे अलग रहूंगी।’’

उन्होंने कहा कि अभी वह एयरलाइन के रोजाना के कामकाज से जुड़ी हैं और उन्हें पत्र की कोई जानकारी नहीं है। मलिक के मुताबिक पिछले साल 20 जनवरी को जारी शुरुआती सूचना ज्ञापन (पीआईएम) के जरिये सरकार ने एयरलाइन के पूर्णकालिक निदेशकों को बोली प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी थी।

आपको बता दें कि 14 दिसंबर 2020 को बोलियां जमा करने की अंतिम तारीख थी। उस दिन सरकार ने कहा था कि एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के लिए कई बोलियां मिली हैं। हालांकि, सरकार ने बोली लगाने वालों का खुलासा नहीं किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक टाटा संस, मलिक की अगुवाई वाले एयर इंडिया कर्मचारियों के एक समूह और अमेरिका की कंपनी इंटरअप्स ने एयर इंडिया के लिए बोली लगाई है। (इनपुट: भाषा)

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