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नोटबंदी के बाद तेजी से बढ़ी मोबाइल बैंकिंग

बीते नंवबर के दौरान क्रेडिट कार्ड के जरिए 24 हजार 432 करोड़ के 9.8 करोड़ लेन-देन हुए।

Author कोलकाता | January 13, 2017 7:39 PM
Mobile Banking news, Mobile Banking latest News, Note ban news, Mobile Banking in Indiaमोबाइल वालेट कंपनियों ने नंबर के मुकाबले लेन-देन में 38.6 फीसद बढ़ोतरी हुई।

बीते साल नवंबर में पांच सौ और एक हजार के नोटों पर पाबंदी लगने के बाद डिजिटल भुगतान के तमाम विकल्पों में से मोबाइल बैंकिंग ही सबसे लोकप्रिय साबित हो रही है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। बैंकों ने मोबाइल बैंकिंग के लेन-देन में मासिक आधार पर 9.4 फीसद वृद्धि बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके टर्नओवर में नवंबर के दौरान 20.9 फीसद वृद्धि हुई। नोटबंदी के बाद आम लोग डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाने पर मजबूर हुए हैं। लेकिन नोटबंद के बाद खपत घटने की वजह से अक्तूबर के मुकाबले नवंबर महीने में क्रेडिट कार्ड और मोबाइल-वॉलेट जैसे डिजिटल विकल्प जहां कारोबार बढ़ाने में नाकाम रहे वहीं मोबाइल बैंकिंग ने उल्लेखनीय प्रगति की। भुगतान व सेटलमेंट पर रिजर्व बैंक के आंकड़ों से साफ है कि नोटबंदी के बाद पहले महीने के दौरान लगभग 1.37 लाख करोड़ मूल्य के 8.55 करोड़ मोबाइल बैंकिंग लेन-देन दर्ज किए गए जबकि अक्तूबर में हुए 7.81 करोड़ लेन-देन में लगभग 1.14 लाख करोड़ का भुगतान हुआ था।

मोबाइल बैंकिंग के क्षेत्र में 13 फीसद हिस्सेदारी रखने वाले निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक ने राज्य में मोबाइल बैंकिंग के पंजीकरण के मामले में 37 फीसद वृद्धि दर्ज की जबकि पूर्वोत्तर के मामले में यह आंकड़ा 97 फीसद रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि मोबाइल बैंकिंग का कारोबार बढ़ने के बावजूद ग्राहकों में इसकी सुरक्षा और मालवेयर जैसे मुद्दों पर चिंता बनी हुई है। पेसे जैसे आफलाइन डिजिटल कैश साल्यूशन मुहैया कराने वाली कंपनियां इस मौके को भुनाने का प्रयास कर रही हैं। रिजर्व बैंक के आंकड़ों में कहा गया है कि बीते नंवबर के दौरान क्रेडिट कार्ड के जरिए 24 हजार 432 करोड़ के 9.8 करोड़ लेन-देन हुए जबकि अक्तूबर में यह आंकड़ा क्रमश: 30 हजार 242 करोड़ और 8.95 करोड़ था।

इस दौरान टर्नओवर और लेन-देन के लिहाज डेबिट कार्ड के इस्तेमाल में भी गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, मोबाइल वालेट कंपनियों ने नंबर के मुकाबले लेन-देन में 38.6 फीसद बढ़ोतरी तो दर्ज की लेकिन उनके टर्नओवर में 80 करोड़ रुपए की गिरावट आई। इसबीच, मुंबई पुलिस के आंकड़ों के हवाले से कहा गया है कि ई-लेन-देन में बढ़ोतरी के साथ ही साइबर धोखाधड़ी के मामले भी बढ़े हैं। बीते छह वर्षों के दौरान क्रेडिट कार्ड से होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में 1945 फीसद वृद्धि आई है। वर्ष 2013 में जहां ऐसे महज 32 मामले मामले सामने आए थे वहीं 2016 में यह बढ़ कर 409 तक पहुंच गए।

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