32 साल की उम्र में कारोबार शुरू कर भारत का चौथा सबसे अमीर बन गया यह शख्स

आरके दमानी को प्रसिद्ध निवेशक राकेश झुनझुनवाला अपना गुरू मानते हैं। दमानी ने शेयर बाजार में ब्रोकर के रूप में करियर की शुरुआत की। डीमार्ट ने उन्हें अमीर भारतीयों की फेहरिस्त में शुमार कर दिया।

Radhakishan Damani Success Story
दमानी को राकेश झुनझुनवाला गुरू मानते हैं। (Express Photo)

फोर्ब्स (Forbes) की 2021 की अमीर भारतीयों (Richest Indian) की सूची में चौथे पायदान पर नाम आता है राधाकृष्ण दमानी (RK Damani) का। दमानी के पास अभी 29.4 अरब डॉलर यानी करीब 2.20 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। उन्होंने 32 साल की उम्र में कारोबार शुरू कर यह पायदान हासिल किया है। भारत के वारेन बफे के नाम से मशहूर निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhujhunwala) दमानी को अपना गुरू मानते हैं।

Damani ने एक साल में ही छोड़ दी थी पढ़ाई

एक साधारण परिवार में जन्मे आरके दमानी ने कॉमर्स की पढ़ाई की। हालांकि उन्होंने एक साल में ही कॉलेज छोड़ दिया। पिता की मौत के बाद दमानी के जीवन में बदलाव का दौर शुरू हुआ। इसके बाद दमानी ने शेयर बाजार का रुख किया और तब उनकी उम्र 32 साल हो चुकी थी। इससे पहले वह बॉल बेरिंग का कारोबार शुरू कर असफलता का स्वाद चख चुके थे।

Share Market से मिली पहली सफलता

शेयर बाजार ने दमानी को खूब तरक्की दी। 1992 में सेबी रजिस्टर्ड ब्रोकर बनने के बाद दमानी शेयर बाजार में झंडे गाड़ते चले गए। उस जमाने के मशहूर निवेशक चंद्रकांत संपत और मनु मानेक से प्रभावित दमानी ने भी उनकी ही तर्ज पर कारोबार शुरू किया। ये लोग शॉर्ट सेलिंग कर शेयर बाजार से पैसे बनाते थे। दमानी ने भी शॉर्ट सेलिंग को ही अपना हथियार बनाया।

मशहूर है Harshad Mehta और Damani की जंग

यह हर्षद मेहता का दौर था। हर्षद मेहता ने काम करने का नया तरीका अपनाया था। वह शेयर को गिराकर नहीं बल्कि चढ़ाकर मुनाफा कमाता था। दमानी का तरीका इससे उलट था। इसी बीच हर्षद मेहता के स्कैम का खुलासा हो गया। इस घटना ने दमानी को बड़ा मौका दिया। यही समय था जब राकेश झुनझुनवाला दमानी के संपर्क में आए थे। झुनझुनवाला भी शॉर्ट सेलिंग से पैसा बनाने में यकीन रखते थे। उन्होंने कुछ मौकों पर कहा भी है कि वह आरके दमानी से शेयर बाजार में इंवेस्ट करने का गुर सीखे हैं।

DMart ने बना दिया अमीर

बाजार के उतार-चढ़ाव में नुकसान उठाने के बाद दमानी ने कुछ अलग व्यवसाय करने का मन बनाया। फोर्ब्स के अनुसार, दमानी ने 2002 में मुंबई में डीमार्ट का पहला स्टोर शुरू किया। डीमार्ट का बिजनेस मॉडल भारत में नया था। जल्दी ही शहरी इलाकों में डीमार्ट का नाम बन गया। अभी देश के विभिन्न शहरों में डीमार्ट के 214 स्टोर हैं।

दमानी को भारत के शीर्ष अमीरों में शामिल करने का श्रेय भी शेयर बाजार के हिस्से जाता है। मार्च 2017 में दमानी ने सुपरमार्केट चेन कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट का आईपीओ पेश किया। इस आईपीओ में इंवेस्टर ने जमकर रुचि ली। इससे दमानी की संपत्ति एक झटके में कई गुना बढ़ गई।

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अभी भी शेयर बाजार में करते हैं निवेश

दमानी अभी भी शेयर बाजार में पैसे लगाते हैं। फोर्ब्स के अनुसार, उनके पास अभी तंबाकू कंपनी वीएसटी इंडस्ट्रीज से लेकर सीमेंट कंपनी इंडिया सीमेंट्स तक के शेयर हैं। मुंबई के अलीबाग में स्थित 156 कमरों वाले रेडिसन ब्लू रिसॉर्ट में भी दमानी के शेयर हैं।

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