ताज़ा खबर
 

मारुति सुजुकी की इस कार ने तोड़े हैं बिक्री के सारे रिकॉर्ड, हर साल बिकीं करीब 2 लाख गाड़ियां, जानें- क्यों है इतनी मांग

जबरदस्त सेल के चलते मारुति सुजुकी ऑल्टो भारत में छोटी और अफोर्डेबल कार का पर्याय बन गई। यही नहीं इस सेगमेंट में मार्केट में 9 प्लेयर्स के साथ ऑल्टो का मार्केट में 34 फ़ीसदी शेयर पर कब्जा रहा।

Author Edited By यतेंद्र पूनिया नई दिल्ली | Updated: September 23, 2020 11:52 AM
MARUTI SUZUKI CARमारुति सुजुकी ऑल्टो ने तोड़े हैं बिक्री के सारे रिकॉर्ड

देश के कार बाजार में मारुति सुजुकी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। इसकी बड़ी वजह यह भी है कि मारुति सुजुकी की कारें भारत में मिडिल और लोअर मिडिल क्लास को अच्छे से टारगेट करती हैं। इनमें से ही एक कार है, ऑल्टो। यह कार भारत में 21वीं सदी में सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। सन् 2000 में शुरुआत के बाद से मारूति सुजुकी ऑल्टो की देश में लगभग 40 लाख यूनिट्स बिक चुकी हैं। मारुति सुज़ुकी ऑल्टो की बिक्री इंडियन मिडल क्लास की क्षमता में वृद्धि के संकेत दे रहा है। 2000 में मारुति सुजुकी ने मारुति 800 के सक्सेसर के रूप में मारुति ऑल्टो की शुरुआत की थी‌। इस कार में 796cc का तीन सिलेंडर इंजन था। इसके साथ ही मारुति सुजुकी ऑल्टो में 47hp का पावर आउटपुट भी दिया था।

लॉन्चिंग के बाद ऑल्टो को एक लाख कार की बिक्री का आंकड़ा छूने में 3 वर्ष लग गए। इसके बाद मारुति ऑल्टो की कार बिक्री का औसत एक लाख कार प्रतिवर्ष पर पहुंच गया। अगस्त 2006 तक मारुति सुजुकी ऑल्टो की 5 लाख कारों की बिक्री हो चुकी थी। लॉन्चिंग के 8 साल बाद यानी 2008-09 में जब दुनिया आर्थिक संकट से जूझ रही थी तब मारुति सुजुकी ऑल्टो ने 10 लाख कारों की बिक्री का आंकड़ा छू लिया। इससे अगले 2 सालों में मारुति सुजुकी ने 5 लाख कारें बेच दी और ऑल्टो की कार बिक्री का आंकड़ा 15 लाख पर पहुंच गया। इसके बाद अप्रैल 2012 में कंपनी ने नए इंजन के साथ ऑल्टो K10 लांच की। अप्रैल 2012 में कंपनी की कार बिक्री का आंकड़ा 20 लाख पर पहुंच गया।

मारुति सुजुकी ने अप्रैल 2012 से फरवरी 2016 के बीच ऑल्टो के 10 लाख और कारें बेच दी। इसके साथ ही ऑटो की बिक्री का आंकड़ा 15 साल में तीस लाख पर पहुंच गया। अगले 2 सालों में मारुति सुजुकी ने ऑल्टो की 5 लाख कारें और बेच दी और फरवरी 2018 में यह आंकड़ा बढ़कर 35 लाख कारों का था। इतनी जबरदस्त सेल के चलते मारुति सुजुकी ऑल्टो भारत में छोटी और अफोर्डेबल कार का पर्याय बन गई। यही नहीं इस सेगमेंट में मार्केट में 9 प्लेयर्स के साथ ऑल्टो का मार्केट में 34 फ़ीसदी शेयर पर कब्जा रहा। आज इस सेगमेंट के 10 प्लेयर्स में मारुति सुजुकी ऑल्टो का 33 फ़ीसदी मार्केट शेयर पर कब्जा है।

मारुति सुजुकी ने समय के साथ साथ ऑल्टो के मॉडल और टेक्नोलॉजी में भी बदलाव किया। 2012 में लॉन्च हुई ऑल्टो K10 2014 में पूरी तरह बदल गई। 2014 में कंपनी ने ऑल्टो में ने ऑटो गियर शिफ्ट टेक्नोलॉजी भी दी। ऑल्टो मारुति सुजुकी सिलेरियो के बाद मारुति पोर्टफॉलियो की दूसरी कार है जिसमें AMT गियर बॉक्स दिया गया । एक रोचक बात यह भी है ऑल्टो में बिना किसी बड़े बदलाव के मारूति सुजुकी की ऑल्टो की लगातार अच्छी बिक्री होती रही। हालांकि मारुति सुजुकी ऑल्टो को लेटेस्ट सेफ्टी नॉर्म्स के हिसाब से जरूर बदला और उसे ड्राइवर साइड एयरबैग से भी लैस कर दिया गया।

2000 में ऑल्टो की लॉन्चिंग के बाद के ऑल्टो की कीमत में कोई खास इजाफा नहीं हुआ और कंपनी ने इसे मिडिल क्लास के बजट की कार बनाकर रखा। इस दौरान ऑल्टो की फ्यूल एफिशिएंसी में सुधार देखने को मिला। मारुति सुजुकी ऑल्टो की चार लाख से ज्यादा गाड़ियां श्रीलंका, अल्जीरिया, चीली, ब्रिटेन, नीदरलैंड जैसे 70 देशों में भी एक्सपोर्ट कीं। ऑल्टो ब्रांड में हो रही लगातार बढ़ोतरी ने फर्स्ट टाइम कार बायर्स में भी मारुति सुजुकी के विश्वास को बढ़ाया है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 किसानों पर मार, रबी फसलों के समर्थन मूल्य में 6 सालों में सबसे कम इजाफा, गेहूं पर बढ़े सिर्फ 50 रुपये
2 टाटा संस से भारी-भरकम पूंजी लेकर अलग होगा शापूरजी ग्रुप, कई कंपनियों के कुल कैपिटलाइजेशन से ज्यादा
3 LIC और ईपीएफओ बेचेंगे अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल की संपत्ति, लोन वसूलने को लिया फैसला
यह पढ़ा क्या?
X