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डिजिटल इंडिया के सामने कई दिक्कतें

रपट में अनुमान लगाया गया है कि भारत को 80 लाख से अधिक वाइफाइ हॉटस्पॉट की जरूरत होगी।

Author नई दिल्ली | January 12, 2017 8:07 PM
डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करता एक उपभोक्ता। (चित्र का इस्‍तेमाल केवल प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है।)

नीतियों में अस्पष्टता व ढांचागत दिक्कतों के चलते केंद्र के महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन के सामने अनेक चुनौतियां हैं। उद्योग मंडल एसोचैम व डेलाइट ने एक संयुक्त रपट में यह निष्कर्ष निकाला है। इसमें कहा गया है कि कराधान व अन्य नियामकीय दिशा निर्देशों से जुड़े मुद्दों के कारण इस कार्यक्रम के आगे बढ़ने में दिक्कत है।

रपट के अनुसार, ‘कुछ सामान्य नीतिगत बाधाओं में एफडीआई नीतियों में स्पष्टता का अभाव भी है जिसने इकामर्स की वृद्धि को प्रभावित किया है। नीतिगत ढांचें को लेकर उबर जैसी परिवहन सेवा फर्म का बार बार स्थानीय सरकारों से विवाद होता है।’

इसके अनुसार डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के सामने सबसे बड़ी चुनौती ढांचागत विकास में देरी है। रपट में अनुमान लगाया गया है कि भारत को 80 लाख से अधिक वाइफाइ हॉटस्पॉट की जरूरत होगी जबकि इस समय इनकी उपलब्धता लगभग 31000 है।

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