भारत और ब्रिटेन के बीच जुलाई, 2025 में हस्ताक्षरित भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के अप्रैल, 2026 में लागू होने की संभावना है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई, 2025 को वृहद आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत उत्पाद ब्रिटेन में बिना किसी शुल्क के भेजे जा सकेंगे, जबकि भारत में ब्रिटेन से आने वाली कारों और व्हिस्की पर कम शुल्क लगेगा।
अधिकारी ने बताया, ”हमे इस समझौते के अप्रैल में लागू होने की उम्मीद है।” दोनों देशों ने दोहरा अंशदान संधि (DCC) पर भी हस्ताक्षर किए हैं, ताकि अस्थायी कर्मचारी किसी भी देश में दो बार सामाजिक कर न दें। अधिकारी ने बताया कि दोनों समझौते एक साथ लागू किए जा सकते हैं।
जुलाई, 2025 में हुआ था हस्ताक्षर
भारत और ब्रिटेन ने जुलाई, 2025 में ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर की मौजूदगी में FTA पर हस्ताक्षर किए गए थे। इससे दोनों देशों की मार्केट पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होने के साथ वार्षिक द्विपक्षीय कारोबार में करीब 34 अरब डॉलर की बढ़ोतरी होगी। अधिकारियों की तरफ से कहा गया था कि एफटीए के लागू होने पर 99% भारतीय निर्यात पर ब्रिटेन में शुल्क नहीं लगेगा।
दूसरी तरफ ब्रिटिश कंपनियों के लिए व्हिस्की, कारों एवं अन्य प्रोडक्ट भारत में निर्यात करना आसान हो जाएगा। इस तरह समग्र द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि होगी। दोनों देशों के बीच 3 साल की बातचीत के बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा सका है। अधिकारियों ने बताया कि भारत को लगभग 99 प्रतिशत प्रोडक्ट कैटेगिरी के पूरी तरह शुल्क-मुक्त होने से फायदा होगा।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने FTA के संदर्भ में कहा कि था कि आज का दिन भारत-ब्रिटेन संबंधों में ऐतिहासिक है। कई वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद भारत और ब्रिटेन के बीच एक व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा।
भाषा के इनपुट के साथ
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