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MDH मसालों के मालिक धर्मपाल गुलाटी के निधन की अफवाह, जानिए तांगे वाले से मसाला किंग बनने का सफर

MDH Masala Owner, Mahashay Dharampal Gulati Death Rumour News: महाशय धर्मपाल गुलाटी का जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में 1922 में हुआ था लेकिन उनके पिता महाशय चुन्नी लाल गुलाटी 1947 में देश के बंटवारे के बाद वे दिल्ली चले आए और यहीं बस गए।

एमडीएच के मालिक महाशय धर्म पाल गुलाटी। (Express Archive Photo)

MDH Masala Owner, Mahashay Dharampal Gulati Death Rumour: मसालों के किंग के रूप में चर्चित एमडीएच के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी के निधन की अफवाह उड़ी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह बताया गया कि शनिवार की देर रात उनका निधन हो गया। लेकिन परिजनों ने बताया कि धर्मपाल गुलाटी की मौत की खबर मात्र एक अफवाह है। परिजनों और शुभचिंतकों ने एक वीडियो जारी कर कहा कि लोगों को इस अफवाह से अवगत कराएं। धर्मपाल गुलाटी पूर्ण स्वस्थ्य हैं। हम उनकी लंबी उम्र की कामना करते हैं। बता दें कि महाशय धर्मपाल गुलाटी का जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में 1922 में हुआ था लेकिन उनके पिता महाशय चुन्नी लाल गुलाटी 1947 में देश के बंटवारे के बाद वे दिल्ली चले आए और यहीं बस गए। इसके बाद 1959 में एमडीएच मसाला फैक्टी, जिसे महाशियन दी हट्टी भी कहा जाता है, की स्थापना धर्मपाल गुलाटी ने 1959 में दिल्ली के कीर्ति नगर में की थी। आज इस मसाले का नाम देश ही नहीं, पूरी दुनिया में है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 में धर्मपाल गुलाटी सबसे ज्यादा बिकने वाले एफएमसीजी प्रोडक्ट के सीईओ बने। सबसे खास बात यह है कि इस ऊंचाई तक पहुंचने वाले धर्मपाल गुलाटी ने मात्र पांचवी कक्षा तक की ही पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने स्कूल छोड़ दिया था और अपने पिता की दुकान पर बैठने लगे थे।

Live Blog

11:25 (IST) 07 Oct 2018
वित्तिय वर्ष 2016-17 के दौरान 21 करोड़ कमाई

पांचवी पास गुलाटी ने पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान 21 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जो गोदरेज कंज्यूमर के आदि गोदरेज और विवेक गंभीर, हिंदुस्तान यूनिलीवर के संजीव मेहता और आईटीसी के वाई सी देवेश्वर की कमाई से भी कहीं ज्यादा थी।

10:16 (IST) 07 Oct 2018
1959 में शुरू की अपनी फैक्ट्री

धर्मपाल गुलाटी ने 1953 में चांदनी चौक में एक और दुकान किराए पर ली। इसके बाद जब कारोबार बढ़ने लगा तो 1959 में कीर्ति नगर में एक प्लॉट खरीद फैक्ट्री शुरू कर दी। आज एमडीएच पूरी दुनिया में मशहूर है। 

10:15 (IST) 07 Oct 2018
तांगा बेचकर शुरू किया मसालों का व्यापार

कुछ समय तक तांगा चलाने के बाद धर्मपाल गुलाटी ने एक बार फिर से अपने पैतृक व्यवसाय की ओर रुख किया। अजमल खान रोड पर मसालों की एक छोटी सी दुकान खोल ली। दुकान अच्छी चलने लगी। 

10:12 (IST) 07 Oct 2018
काम की तलाश में दिल्ली पहुंचे गुलाटी

गुलाटी ने एक इंटरव्यू में कहा था, "अमृतसर दंगा प्रभावित इलाके के पास था। इस वजह से मैं दिल्ली चला आया। पिताजी ने आते वक्त 1500 रुपये दिए थे। यहां बिना पानी, बिजली और शौचालय वाला एक फ्लैट लिया और तांगा चलाने लगे।" 

10:09 (IST) 07 Oct 2018
बंटवारे के बाद चले अाए थे भारत

भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद उनके परिवार के सामने मुसीबत खड़ी हो गई। पाकिस्तान से लोग पयालन करने गले। उनका परिवार भी इससे अछूता नहीं रहा। वालस्ट्रीट को दिए एक पुराने इंटरव्यू के अनुसार, धार्मिक हिंसा शुरू होने के बाद उनका परिवार 7 सितंबर 1947 को अमृतसर चला आया और यहां शरणार्थी शिविर में रहने लगा। इस समय धर्मपाल गुलाटी की उम्र 23 साल थी। यहां से वे काम की तलाश में दिल्ली चले आए।