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मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक ने उपभोक्‍ताओं को दी 48,248 करोड़ की बिजली सब्सिडी, यह राज्‍य रहा सबसे आगे

एक आंकड़े के अनुसार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक राज्य सबसे अधिक बिजली सब्सिडी बिल प्रदान करने वाले शीर्ष राज्यों में से हैं।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक ने उपभोक्‍ताओं को दी 48,248 करोड़ की बिजली सब्सिडी, यह राज्‍य रहा सबसे आगे
Electric Subsidy देने के मामले में दूसरे नंबर पर दिल्‍ली (फाइल फोटो)

देश के कुल 36 राज्‍य और केंद्रशासित प्रदेश में से 27 राज्‍य और केंद्रशासित प्रदेश ही लोगों को बिजली सब्सिडी के तहत कम दर पर विद्युत की सुविधा दे रहे हैं। मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक आंकड़े के अनुसार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक राज्य सबसे अधिक बिजली सब्सिडी बिल प्रदान करने वाले शीर्ष राज्यों में से हैं। इन राज्‍यों ने 48,248 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी है।

मध्य प्रदेश ने 2018-19 और 2020-21 के बीच 47,932 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। हालाकि इसमें अभी और बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि वह किसानों को बिजली सब्सिडी देने के लिए अतिरिक्त 16,424 करोड़ रुपए अलग रखेगी। इसके अलावा राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले से ही 5,582 करोड़ की सब्सिडी योजना है।

केंद्रीय बिजली मंत्रालय के पोर्टल के अनुसार, केवल मध्‍यप्रदेश में 2020-21 में बुक की गई इसकी टैरिफ सब्सिडी राशि, 19,595 करोड़ थी। वहीं 2022-23 में बिजली सब्सिडी पर राज्य का बजट आवंटन 22,800 करोड़ रुपए से अधिक रहा है। जबकि मध्य प्रदेश में डिस्कॉम का उत्पादन कंपनियों पर 8,190 करोड़ का बकाया है।

राजस्‍थान में 2022-23 के बजट में राज्य ने प्रति माह 100 यूनिट तक की खपत करने वाले घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए 50 यूनिट तक अतिरिक्त मुफ्त बिजली की घोषणा की थी। राज्य ने पिछले तीन वर्षों में 40,278 करोड़ रुपए और अकेले 2020-21 में 6,545 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। राजस्थान में डिस्कॉम पर विभिन्न कंपनियों का 4,201 करोड़ रुपए बकाया है।

वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ने भी 2018-19 और 2020-21 के बीच अपने सब्सिडी व्यय में 85 प्रतिशत की वृद्धि देखी है, जो 2018-19 में 1,699 करोड़ से बढ़कर 3,149 करोड़ रुपए हो गई है, जो सभी प्रांतों में दूसरा सबसे अधिक है।

इसके अलावा मणिपुर में भी तीन साल में बिजली सब्सिडी में 124 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई, यह 120 करोड़ से बढ़कर 269 करोड़ रुपए हो गया है। गोवा और केरल ने 2020-21 में बिजली सब्सिडी की पेशकश शुरू की, जबकि सिक्किम और त्रिपुरा ने 2019-20 में शुरू किया। इसके अलावा, सब्सिडी की पेशकश करने वाले 27 प्रांतों में से केवल पांच ने खर्च में मामूली कमी देखी है, जबकि गुजरात, तेलंगाना, मेघालय और जम्मू और कश्मीर जैसे राज्यों ने तीन साल की अवधि के दौरान बिजली सब्सिडी पर अपना बजट आवंटन समान रखा है।

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