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मध्य प्रदेश बजट 2018: विधानसभा में 2,04,642 करोड़ रुपए का बजट, जानें किसे क्या मिला

Madhya Pradesh Budget 2018 Highlights, Madhya Pradesh Budget 2018-19 (मध्य प्रदेश बजट २०१८): ग्रामीण क्षेत्रों में 10 बिस्तर का अस्पताल खोलने पर अनुदान देगी सरकार। स्वास्थ्य स्कीम से 77 लाख परिवार को लाभ मिलेगा। पीने के पानी के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 2,986 करोड़ और शहरी क्षेत्र के लिए 697 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

Madhya Pradesh Budget 2018: इंदौर और भोपाल में मेट्रो लाइन स्थापित करने के लिए कार्य शुरू किया जाएगा।

Madhya Pradesh Budget 2018 Highlights: विधानसभा में वित्त मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की विकास दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। देश की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का हिस्सा अब बढ़कर 3.84% हो गया है। यह निश्चित ही एक खुशी की बात है। वित्त मंत्री जयंत मलैया ने विधानसभा में कुल 2,04,642 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। सरकार का घाटा 26,780 रुपए रहा। पेंशन में 10 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया है। महिला सशक्तिकरण के लिए 909 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 बिस्तर का अस्पताल खोलने पर अनुदान देगी सरकार। स्वास्थ्य स्कीम से 77 लाख परिवार को लाभ मिलेगा। देश में स्वास्थ्य सेवा में मध्य प्रदेश 17 वे नंबर पर है।

आकांक्षा योजना के तहत निशुल्क शिक्षा का प्रावधान किया गया है। पुलिस आवास योजना के लिए 240 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन में शहरी क्षेत्र के लिए 395 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। स्कूल शिक्षा के लिए 21,724 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। अध्यापक संवर्ग को समाप्त कर शिक्षक बनाया जाएगा। स्वास्थ्य सुविधा को अधिक मजबूत करने के लिए प्रदेश में 6 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। लोक स्वास्थ्य के लिए 5,689 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 31.18 करोड़ और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल संवर्धन के लिए 1501 करोड़ रुपए का बजट अलॉट किया गया है। अतिथि शिक्षक व अतिथि विद्वानों का वेतन बढ़ेगा। स्व रोजगार योजना में लोन की सीमा 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपए कर दी गई है। स्वरोजगार के लिए 774 करोड़ का प्रावधान किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 9,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अब तक 27 लाख कन्याओं को इस योजना से फायदा मिल चुका है।

Madhya Pradesh Budget 2018 Highlights

– माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 397 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पूरक पोषण आहार की आपूर्ति का काम महिला स्वसहायता समूह को सौंपा जाएगा। पूरक पोषण आहार के लिए 3,722 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। आयुष शिक्षा के लिए 413 करोड़ का प्रावधान है। जबलपुर में राज्य कैंसर सेंटर का निर्माण होगा। 50 अनुसूचित क्षेत्रों में पचास और अन्य ग्रामीण क्षेत्र में पूंजी अनुदान 40 फीसदी होगा।

– अल्पकालिक कर्ज चुकाने को डिफाल्टर किसानों के लिए समझौता योजना के तहत 350 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों को कर्ज चुकाने की अंतिम तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर 27 अप्रैल की गई है।

– प्रदेश के निकायों की सभी परियोजनाओं के लिए 11,932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री के बजट भाषण में कांग्रेस ने पकौड़े का मुद्दा उठाया तो वित्त मंत्री ने कहा- ‘पकौड़े बनाना अच्छा काम, आपको समझ में नहीं आएगा’।

– पीने के पानी के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 2,986 करोड़ और शहरी क्षेत्र के लिए 697 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्र ओडीफ घोषित हो चुके हैं। प्रदेश में 7.5 लाख व्यक्तिगत शौचालय निर्माण किया गया। 532 सड़क निर्माण का कार्य जारी हैं। 5987 किलोमीटर राजमार्ग का निर्माण मंजूर हो चुका है। इंदौर-भोपाल के बीच 6 लेन के एक्सप्रेस-वे के निर्माण को सैद्धान्तिक मंजूरी दी गई है।

– इंदौर और भोपाल में मेट्रो लाइन स्थापित करने के लिए कार्य शुरू किया जाएगा। मध्य प्रदेश के 7 शहरों में स्मार्ट सिटी बनाने की योजना बनाई गई है। स्मार्ट सिटी के लिए 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उद्योगों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपए का प्रावधान। वहीं सड़क बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

– जबलपुर और ग्वालियर में नया बायपास बनेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य में 18 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध है। दो लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। हॉर्टिकल्चर के लिए 1158 करोड़ रुपए का प्रावधान।

– किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र के लिए 37,498 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार ने सिचाई व्यवस्था का काम बेहतर किया है। मत्स्य पालन के लिए 90.89 करोड़ रुपए बजट मे आवंटित किए गए हैं। बिजली के क्षेत्र में 83 करोड़ की योजनाएं चलाई जाएंगी।

– बजट में पशुपालन के लिए 1038 करोड़ रुपए का और बीमा योजना के लिए 2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विपक्ष ने सिंचाई को लेकर हंगामा शुरू किया।  बजट में कृषि समृद्धि योजना के लिए 3650 करोड़ रुपए, सरकार ने कई सिंचाई योजनाएं शुरू कीं। फसलों का  समर्थन मूल्य पर उपार्जन की व्यवस्था। बजट कृषि पर फोकस है।

 वित्त मंत्री जयंत मलैया के बजट भाषण के दौरान हंगामा शुरू हो गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है। वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरराष्टीय मंदी का असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ा है। वित्त मंत्री ने भावांतर योजना के लिए तीन हजार करोड़ का प्रावधान किया है।

– मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया विधानसभा में राज्य सरकार का बजट पेश कर रहे हैं। कैबिनेट बैठक में बजट का अनुमोदन कर दिया गया है। शिवराज कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। बजट की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब वित्तमंत्री विधानसभा में बजट पेश करने के लिए रवाना होने जा रहे हैं। बजट पेश करने से पहले वित्तमंत्री ने मीडिया से कहा कि कृषि स्वास्थ्य और अधोसंरचना पर फोकस है। इस बार राज्य सरकार के बजट में चुनावी महौल दिख सकता है। इसमें लोकलुभावन वादे किए जा सकते हैं। दरअसल 5 महीने बाद ही राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

– बजट सत्र के पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपनी-अपनी रणनीतियां बना ली है। कई लोग केंद्रीय बजट से निराश हैं, ऐसे में मध्यप्रदेश के लोगों की निगाह अब प्रदेश के बजट पर टिक गई है। जबकि लोगों को भी उम्मीद है कि चुनाव से पहले शिवराज सरकार कोई बड़ी राहत दे सकते हैं।

– मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री जयंत मलैया का बजट भाषण शुरू हो गया है। वित्त मंत्री  करीब दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट पेश कर सकते हैं। कैबिनेट बैठक में बजट का अनुमोदन कर दिया गया है।

– शिवराज कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। बजट की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब वित्तमंत्री विधानसभा में बजट पेश करने के लिए रवाना होने जा रहे हैं। बजट पेश करने से पहले वित्तमंत्री ने मीडिया से कहा कि कृषि स्वास्थ्य और अधोसंरचना पर फोकस है।

वित्तमंत्री जयंत मलैया विधानसभा पहुंच गए हैं। थोड़ी देर में कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बार किसानों का मुद्दा सबसे बड़ा माना जा सकता है, क्योंकि किसान कर्जदार हो गए हैं, उनकी फसल बर्बाद हो गई है। लाखों किसान डिफाल्टर हो गए हैं। इसके अलावा खेत, रोजगार से जुड़े मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की उम्मीद की जा रही है।

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