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PM Ujjwala Yojana: एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में इजाफे के चलते वापस चूल्हे की ओर लौट रहे उज्ज्वला के लाभार्थी, 25 फीसदी ने नहीं लिया दूसरा सिलेंडर

Price of LPG cylinders: लाभार्थी मौके पर अधिक कीमत चुकाने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं और इसके चलते चूल्हे पर खाना बनाने को तरजीह दे रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए रिपोर्ट में उज्ज्वला के लाभार्थियों को साल में 4 सिलेंडर मुफ्त देने का सुझाव भी दिया गया है।

Ujjwala Yojnaउज्जवला योजना की लाभार्थी महिलाओं को 3 महीने मिलेंगे मुफ्त सिलेंडर।

Rate of LPG cylinders: एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में लगातार हो रहे इजाफे का असर गैर-सब्सिडी वाले ग्राहकों पर तो सीधे तौर पर पड़ा है, लेकिन उज्ज्वला स्कीम के लाभार्थी भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक की ओर से कराई गई एक रिसर्च के मुताबिक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन पाने वाले ऐसे तमाम लोग हैं, जो दोबारा चूल्हे का रुख कर रहे हैं। एसबीआई की ईकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते ऐसा हो रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्ज्वला स्कीम के चलते देश के लगभग हर हिस्से में घरेलू गैस सिलेंडरों की पहुंच आसान हुई है। लेकिन इसके लाभार्थी मौके पर अधिक कीमत चुकाने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं और इसके चलते चूल्हे पर खाना बनाने को तरजीह दे रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए रिपोर्ट में उज्ज्वला के लाभार्थियों को साल में 4 सिलेंडर मुफ्त देने का सुझाव भी दिया गया है।

25 पर्सेंट लाभार्थियों ने दूसरा सिलेंडर नहीं लिया: दिल्ली के रेट की ही बात करें तो बीते 6 महीने में गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडरों की कीमत 284 रुपये बढ़कर 859 हो गई है, जो पहले 575 रुपये थी। दिसंबर, 2018 तक उज्ज्वला स्कीम से जुड़े 5.92 करोड़ लाभार्थियों के डेटा के मुताबिक करीब 25 पर्सेंट ऐसे लोग रहे हैं, जिन्होंने दोबारा सिलेंडर नहीं भरवाया। इसके अलावा 18 पर्सेंट के करीब लोग ऐसे हैं, जिन्होंने दूसरा सिलेंडर लिया। 11.7 फीसदी ऐसे हैं, जिन्होंने तीसरा सिलेंडर भी लिया।

सिर्फ 45 पर्सेंट लोगों ने लिए 4 से ज्यादा सिलेंडर: कुल 4 सिलेंडर या उससे भी ज्यादा सिलेंडर उज्ज्वला स्कीम के 45.8 फीसदी लाभार्थियों ने ही लिए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि उज्ज्वला स्कीम के 54.2 फीसदी लाभार्थियों ने एक साल में तीन या उससे कम सिलेंडरों का ही इस्तेमाल किया। इससे साफ है कि लोग उज्ज्वला स्कीम के तहत मिलने वाले सिलेंडरों को नियमित तौर पर इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।

साल में 4 सिलेंडर फ्री देने का सुझाव: रिपोर्ट में सुझाव देते हुए कहा गया है कि यह स्कीम देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली है। इसके अलावा कम आय वाले परिवारों तक गैस सिलेंडर की पहुंच को भी बढ़ावा मिला है, लेकिन लगातार बढ़ रही कीमतों के चलते इनकी मांग कम हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्ज्वला स्कीम से जुड़े लोगों के बीच मांग बढ़ाने के लिए जरूरी है कि उन्हें साल में 4 सिलेंडर फ्री में दिए जाएं। इसके लिए सरकार आयुष्मान भारत, पीएम किसान, जन धन योजना और मुद्रा स्कीमों का डेटा इस्तेमाल करना चाहिए।

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