चीन छोड़कर भागी बिल गेट्स की यह कंपनी, एलन मस्क भी लगा सकते हैं भारत में फैक्ट्री

माइक्रोसॉफ्ट की लिंक्डइन ने चीन में कारोबार बंद करने का निर्णय लिया है। इससे पहले एप्पल, सैमसंग जैसी कंपनियां चीन में प्लांट बंद कर चुकी हैं। इससे भारत को भी फायदा हो रहा है।

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चीन से कारोबार समेटने वाली कंपनियों में लिंक्डइन का भी नाम जुड़ गया है। (Image: LinkedIn India)

चीन में बढ़ती सरकारी पाबंदियों व अन्य दिक्कतों के चलते कई वैश्विक कंपनियां (Global Companies Exiting China) अपना कारोबार समेट रही हैं। अब दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक बिल गेट्स (Bill Gates) की कंपनी लिंक्डइन (LinkedIn)का नाम भी इस कड़ी में जुड़ गया है। इससे भारत को फायदा होता दिख रहा है। चीन से निकलने वाली कई कंपनियां भारत में प्लांट लगा रही हैं। आने वाले समय में एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी टेस्ला (Tesla) भी भारत में प्लांट लगा सकती है।

पाबंदियों के चलते लिंक्डइन ने लिया निर्णय

माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) की जॉब सर्च यूनिट लिंक्डइन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मोहक श्रॉफ ने एक हालिया ब्लॉग में कंपनी के निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी को चीन में अधिक चुनौतीपूर्ण ऑपरेटिंग माहौल का सामना करना पड़ रहा है। नियमों के अनुपालन में भी सख्ती लाई गई है। इसके चलते लिंक्डइन ने चीन में सर्विस बंद करने का निर्णय लिया है।

चीन में लिंक्डइन की जगह लेगी यह सर्विस

हालांकि माइक्रोसॉफ्ट अब चीन के लिए इनजॉब्स (InJobs) नाम से अलग सर्विस शुरू करने जा रही है। यह लिंक्डइन से काफी अलग होगा। इसमें सोशल फीड की सुविधा नहीं होगी। यूजर इस प्लेटफॉर्म पर कोई आर्टिकल शेयर या पोस्ट नहीं कर सकेंगे।

Apple, Samsung जैसी कंपनियां भी बंद कर चुकी हैं चीन में प्लांट

इससे पहले हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) ने चाइनीज लैंग्वेज प्रोग्राम को चीन से हटा दिया। यूनिवर्सिटी का यह प्रोग्राम अब ताईवान (Taiwan) से चलेगा। यूनिवर्सिटी ने बताया था कि चीन और अमेरिका के बीच संबंधों में बढ़ता तनाव इस निर्णय के मुख्य कारणों में से एक है। पिछले एक से डेढ़ साल के दौरान कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने चीन में कारोबार बंद किया है या प्लांट बंद करने की तैयारी कर रही हैं। इनमें नाइकी (NIKE), एप्पल (Apple), सैमसंग (Samsung), एलजी (LG), एडिडास (Adidas), प्यूमा (Puma), जूम (Zoom), शार्प (Sharp), हैसब्रो (Hasbro), किआ मोटर्स (Kia Motors), हुंडई मोटर (Hyundai Motor), हुंडई मोबिस (Hyundai Mobis), स्टैनली ब्लैक एंड डेकर (Stanley Black & Decker), डेल (Dell), एचपी (HP), गूगल (Google), गोप्रो (GoPro), इंटेल (Intel), सोनी (Sony) जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

भारत, ताईवान, वियतनाम को हो रहा फायदा

चीन से इन कंपनियों के निकलने से भारत समेत ताईवान और वियतनाम (Vietnam) जैसे देशों को फायदा रहा है। ज्यादातार कंपनियां चीन के कारोबार को इन तीन देशों में शिफ्ट कर रही हैं। एप्पल और सैमसंग भारत में फैक्ट्री लगा चुकी हैं। किआ मोटर्स ने भी भारत में फैक्ट्री लगाई है। इन कंपनियों को आकर्षित करने के लिए भारत सरकार की ओर से कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिनमें कर छूट भी शामिल है।

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एलन मस्क भी लगा सकते हैं भारत में फैक्ट्री

आने वाले समय में कई अन्य बड़े नाम भारत में फैक्ट्री लगा सकते हैं। एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला भारत में कारोबार शुरू करने की तैयारी में है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने हाल ही में साफ किया था कि टेस्ला को मेड इन चाइना कार (Made In China) भारत में बेचने की छूट नहीं दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि टेस्ला भारत में प्लांट लगाए, मेड इन इंडिया कार (Made In India Tesla) बनाए और उन्हें यहां बेचे व निर्यात करे।

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