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एक्वा मेट्रो: स्टेशनों से ही मिलेगी ई-टैक्सी और बाइक, जल्द मिलेगी एयरपोर्ट जैसी सुविधा

डीएमआरसी की ब्लू लाइन मेट्रो स्टेशनों पर अभी ई-टैक्सी, कैब बुकिंग आदि की सुविधा नहीं है। दिल्ली के मुकाबले ग्रेटर नोएडा में यातायात के माध्यम सीमित होने के चलते नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने यह फैसला लिया है।

स्टेशनों पर खोले जाएंगे प्रीपेड टैक्सी बूथ, 90 मिनट से ज्यादा स्टेशन पर रुकने पर जुर्माना।

हवाई अड्डे की तरह एक्वा मेट्रो के यात्रियों को ई-टैक्सी, कैब, ई-बाइक की सुविधा मिलेगी। स्टेशन से ही मुसाफिर इन्हें बुक करा सकेंगे। हर स्टेशन पर इसके लिए बूथ खोले जा रहे हैं। जहां से अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए प्रीपेड वाहन बुक कराए जा सकेंगे। मेट्रो की इस लाइन का उद्घाटन 25 जनवरी को होगा।
स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रुकने की समय सीमा तय की गई है। यात्रियों को डेढ़ घंटे (90 मिनट) का समय स्टेशन पर रुकने के लिए मिलेगा। इससे ज्यादा रुकने पर स्मार्ट कार्ड या क्यूआर कोड से बाहर जाने के समय जुर्माना लगेगा। फिलहाल 10 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से जुर्माना राशि तय की गई है। एक्वा लाइन के कुल 21 स्टेशन के सफर में करीब 45 मिनट का समय लगेगा। इस आधार पर सवारियों को दोगुना समय दिया गया है।

डीएमआरसी की ब्लू लाइन मेट्रो स्टेशनों पर अभी ई-टैक्सी, कैब बुकिंग आदि की सुविधा नहीं है। दिल्ली के मुकाबले ग्रेटर नोएडा में यातायात के माध्यम सीमित होने के चलते नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने यह फैसला लिया है। हालांकि स्टेशन से उतरने के बाद मुसाफिरों के लिए ई-रिक्शा और फीडर बसें मौजूद रहेंगी। दावा है कि बुकिंग कराने के महज पांच मिनट के भीतर स्टेशन परिसर के बाहर यह सुविधा मिल जाएगी। हालांकि ई-टैक्सी आदि को स्टेशन के पास खड़ा करने के लिए यातायात पुलिस की मदद से जगह चिन्हित की जा रही है।

एक्वा मेट्रो के शुरुआती चरण में नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच 11 ट्रेनें चलेंगी। इन्हें सामान्य और एक्सप्रेस के आधार पर चलाने की तैयारी है। सामान्य मेट्रो प्रत्येक पांच मिनट के अंतराल पर और एक्सप्रेस ट्रेनों का समय व फेरे मुसाफिरों की संख्या और व्यस्त घंटों के दौरान होने वाली भीड़ के आधार पर तय किए जाएंगे। प्रत्येक मेट्रो में करीब 1034 सवारियां बैठ सकेंगी। रोजाना 60-70 हजार लोग इस लाइन का इस्तेमाल करेंगे।

मेट्रो चलने पर नहीं सुनाई देगी आवाज
डीएमआरसी की तर्ज पर एक्वा मेट्रो कॉरिडोर पर ध्वनि अवरोधक (नॉइज बैरियर) लगाएं जाएंगे। रिहायशी आबादी के बीच से निकलने वाली मेट्रो लाइन के कॉरिडोर और स्टेशनों पर इन्हें लगाया जाएगा। ये ध्वनि अवरोधक छह फीट ऊंचे होंगे। इससे मेट्रो की आवाज रिहायशी इलाकों में नहीं जाएगी। मेट्रो स्टेशन पर इस्तेमाल होने वाली बिजली का उत्पादन स्टेशनों की छत पर लगे सोलर पैनल के जरिए होगा। एक्वा लाइन की यह परियोजना ग्रीन कॉरिडोर की श्रेणी में रहेगी।

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